Home Remedies for Chest Infection: मानव शरीर के अंगों की संरचना बहुत ही जटिल होती है। हमें हर अंग की बहुत ही सावधानी पूर्वक देखभाल करनी होती है। मानव जीवन की सबसे अहम प्रणाली श्वसन प्रणाली है जिसके माध्यम से हम जीवित रह सकते हैं। श्वसन प्रणाली के मार्ग में सबसे नीचे की ओर छाती होती हैं। कई बार ऐसा देखा जाता है कि छाती में भी किसी न  किसी प्रकार का संक्रमण नज़र आ ही जाता है।

छाती संक्रमण के प्रकार (Types of chest Infections)

छाती के संक्रमण में आम प्रकार के संक्रमण जैसे ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) और निमोनिया (Pneumonia) होते हैं, जो असावधानी से गंभीर रूप धारण कर सकते हैं। अगर इस प्रकार का संक्रमण हो, तो हमें जल्द से जल्द उपाय करके इन संक्रमण को खत्म करना चाहिए।

छाती संक्रमण के लक्षण (Symptoms of Chest Infection)

Symptoms of Chest Infection
Image Source: GETTY IMAGES

अगर छाती का संक्रमण होता है, तो कुछ लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जैसे खांसी होना, सांस लेने में कठिनाई का होना, छाती में दर्द होना, पीला बलगम होना आदि इसके अलावा मांसपेशियों में दर्द, थकान ,बुखार जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं जिनका सही समय पर उपचार करना भी आवश्यक है।

छाती के संक्रमण से बचाव के कुछ घरेलू उपाय
(Some Home Remedies to Prevent Chest infection)

छाती के संक्रमण को कुछ घरेलू उपाय के माध्यम से भी आसानी से ठीक किया जा सकता है।

  • नीलगिरी का तेल –  प्राचीन काल से ही नीलगिरी के तेल का उपयोग छाती के संक्रमण को दूर करने में किया जाता रहा है। यह एक विशेष जड़ी बूटी है, जो गर्म पानी के साथ लेने पर जल्द ही राहत दे सकती है।
  • अदरक और शहद का उपयोग –  अदरक को हमेशा से ही सर्दी, खांसी या संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। अगर आप अदरक को कूटकर उसमें शहद को मिलाकर खाएं तो इससे छाती के संक्रमण से जल्द ही राहत मिल सकती है और आप स्वस्थ हो सकते हैं।
  • नमक का पानी –  छाती में किसी प्रकार से संक्रमण होने पर गर्म पानी में नमक डालकर अगर गरारा किया जाए तो, यह फायदेमंद होता है। इसे आप दिन में तीन या चार बार करके जल्दी आराम प्राप्त कर सकते हैं।
  • तुलसी – तुलसी को प्राचीनकाल में ऋषियों ने भी महा औषधि के रूप में महत्व दिया है। अगर आप तुलसी और बांसा को पीसकर काढ़ा बनाकर रोजाना सेवन करें तो यह छाती के संक्रमण को दूर करने में कारगर साबित होगा। इसमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि तुलसी और बांसा समान मात्रा में ही होना चाहिए।
  • सेब का सिरका – सामान्यता हम सेब का उपयोग फल के रूप में करते हैं लेकिन आप सेब के सिरके का उपयोग करें तो यह निश्चित रूप से संक्रमण को ठीक करेगा। जब कभी ठंड में संक्रमण से परेशान हो, तो शहर मिला कर लेना भी लाभप्रद होता है।
  • हर्बल चाय –  हर्बल चाय कई प्रकार के रोगों को दूर करने में सहायक होती है। इसमें प्राप्त जड़ी-बूटी संक्रमण को बढ़ने ही नहीं देती और हमें स्वस्थ बनाती है।
  • लहसुन – ऐसा माना जाता है कि लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट तत्व (Antioxident element) बहुतायत से होते हैं, जो किसी भी संक्रमण को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः अपने खाने में लहसुन का उपयोग जरूर करें जिससे आप किसी भी प्रकार के संक्रमण से बच सकें।
  • हल्दी और गर्म दूध – आपने यह देखा होगा कि जब भी हमें छाती संबंधी समस्या या खांसी आती है, तो हल्दी को गर्म दूध में डालकर पीना सही माना जाता है। हल्दी में उपस्थित एंटीमाइक्रोबियल्स (Antimicrobial) किसी भी संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद करते हैं।
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