दोस्तों जैसे कि आप लोग जानते ही हैं डायबिटीज एक आम बीमारी तो है। लेकिन यह जितनी साधारण देखती है उतनी साधारण है नहीं। डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी भी है। क्योंकि जब तक यह बीमारी इंसान के ऊपर पूरी जकड़ नहीं बना लेती तब तक तो यह ठीक है। लेकिन जब डायबिटीज इंसान को जकड़ लेती है तो यह एक खतरनाक बीमारी बन जाती है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि डायबिटीज एक शुगर की बीमारी है। जबकि ऐसा नहीं है डायबिटीज की वजह से नर्स और ब्लड वेसल्स खत्म होने लगते हैं। फिर अगर न्यूरोपैथी आ जाए तो इससे आपके पैरों का भी नुकसान हो सकता है। आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपको बताएंगे कि कैसे आप ठंड के महीनों में अपनी डायबिटीज की बीमारी से बच सकते हैं और इस पर नियंत्रण पा सकते हैं।

दोस्तों हम आपको बताएंगे कि ठंड यानी सर्दी के महीनों में आप अपने डायबिटीज पर कैसे नियंत्रण पा सकते हैं। और अपने डायबिटीज से पेरों में होने वाली बीमारी से आप कैसे बच सकते हैं। तो चलिए देखते हैं। दरअसल डायबिटीज के मरीजों के पैर के पंजों में अगर कोई चोट लग जाती है। तो वह उनके लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि डायबिटीज के मरीजों के पंजो तक शरीर के रक्त प्रवाह होना जरूरी है। जो कि डायबिटीज के मरीजों मैं नहीं होता। ऐसे में किसी भी तरह की त्वचा से संबंधित बीमारी हो सकती है। इसलिए अगर पैर में लगे हुए जख्म पर हमने ध्यान ना दिया और उसका ख्याल ना रखा तो हो सकता है कि पैर का वह हिस्सा हमको काटना पड़े।

Winter Care for Diabetes
Endocrinology Advisor

गुनगुने पानी से धोएं पैर:

रोज सोने से पहले रात में पैरों को हल्के गुनगुने पानी में थोड़ी देर तक रखें और पैरों को साफ कर लें फिर किसी साफ कपड़े से प्यार को अच्छी तरह सुखाएं। इसमें खास कर के अंगूठे को और जो पैर की उंगलियां होती हैं उनके बीच में भी अच्छे से सफाई करें।

त्वचा को रूखी ना होने दें:

सर्दियों के मौसम में आमतौर पर हमारी त्वचा रूखी पड़ जाती है। सर्दियों के मौसम में आप लोग कोशिश करें कि आपकी त्वचा कहीं से भी रूखी ना पड़े। क्योंकि जब त्वचा रूखी पड़ जाती है तो वहां पर हमको खुजली होती है और फिर जब हम उसको खुजला देते हैं। तो हमारी त्वचा की पहली परत उतर जाती है। जिससे कि वहां से पानी निकलने लगता है। और हो सकता है कि घाव भी हो जाए। फिर घाव होने पर डायबिटीज के मरीजों को बहुत दिक्कत होती ही है। क्योंकि डायबिटीज के मरीजों का घाव भरने में बहुत समय लगता है।

ऑयली फूड से दूरी बनाए:

ऑयली फूड से तो आमतौर पर हर इंसान को दूरी बनानी चाहिए। लेकिन खास करके डायबिटीज के मरीजों को सर्दियों के मौसम के साथ ही साथ दूसरे मौसमों में भी ऑयली फूड से दूरी बनाए रखनी चाहिए। क्योंकि सर्दियों में डायबिटीज के मरीजों का इम्यून सिस्टम ज्यादा कमजोर हो जाता है। डायबिटीज के मरीजों को घी, तेल और चिकनाई से बनी चीजों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

जूते और मोजे बदलते रहे:

डायबिटीज के मरीजों को अपने पैरों को सुरक्षित व गर्म रखने की जरूरत होती है। इसमें लोगों को चाहिए कि वह अपने पैरों को हमेशा सर्दियों के समय जुराब पहन कर रखें। क्योंकि बैक्टीरिया और फंगल इनफेक्शन डायबिटीज के मरीजों के पैरों के संपर्क में आ सकते हैं। उससे बचने के लिए डायबिटीज के मरीजों को हमेशा जुराब पहननी चाहिए और रोजाना इनको बदलना भी चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा ऐसा जूता पहनना चाहिए जो कि उनके पैर को आराम दें और फिट रहे।

निष्कर्ष:

दोस्तों अगर आप ऊपर बताई हुई बातों को अच्छे से समझेंगे और इसको अपनी जिंदगी में इस्तेमाल करेंगे तो आप बेशक डायबिटीज के मरीज हो या आपका कोई और भाई बंधु हो। तो आप उसकी डायबिटीज पर नियंत्रण करने में उसकी मदद कर सकते हैं। और उसको होने वाली बीमारियों और दिक्कतों से बजा सकते हैं।

Facebook Comments