रेप भारत में केवल एक समस्या ही नहीं बल्कि एक घिनौना अपराध है जिसने लम्बे समय से देश को प्रभावित किया हुआ है।क्या आपको पिछले दशक में कोई भी ऐसा समय याद है जिस महीने आपने रेप की किसी वारदात के बारे में ना सुना हो? सुबह की चाय के साथ जब आप अखबार पढ़ते हैं तो यही आशा करते हैं की कोई पोसिटिव स्टोरी आपकी सुबह फ्रेश कर दे और आपमें ऊर्जा भर दे जिस से आपका सारा दिन अच्छा जाये।

लेकिन ऐसा कितनी बार होता है? आपको नहीं लगता की रोज़ रोज़ की इन आपराधिक गतिविधियों ने हमे परेशां कर रख दिया है? कभी बच्चों से छेड़-छाड़ तो कभी ईव-टीसिंग की घिनौनी खबरें मन को बेहद दुखी करती हैं और फिर रेप की खबर आपको झंजोड़ कर रख देती है।

यह इस देश में क्या हो रहा है? यह आपके दिमाग का एक प्रशन ही नहीं है बल्कि एक विवादस्पद आलोचना है।ज़्यादातर महिलाएं हमलावरों से लड़ने में असमर्थ हैं और इस दवाब को नहीं झेल पाती।
खबर महाराष्ट्र की एक बहादुर लड़की की है जिसने ये बताया कि इन अपराधियों को कैसे मुँह-तोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।असल में ये एक साहस और आत्मविश्वास का उदहारण है जो कि बाकी औरतों को भी प्रेरणा देता है कि कैसे इन अपराधियों के खिलाफ लड़ा जाये।

कहानी नागपुर कि एक 18 साल कि लड़की की है जो अपने सहस की बदौलत बाधाओं से लड़ने में सफल रही।आईये जानते हैं मीडिया में उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वाकई में हुआ क्या था:

जब ये लड़की, नागपुर के ख़ुशी नगर में ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग के लिए जा रही थी, उसे वहां से बंदी बना लिया गया और एक ऐसे स्थान पे ले जाया गया जिसका सिर्फ उन मुजरिमो को ही मालूम था। वहां उन्होंने लड़की को बाँध दिया और खुद शराब के नशे में धुत्त होने के बाद इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने इतनी ज़्यादा मात्रा में शराब का सेवन कर लिया था की वह अपने होश खो बैठे थे।

अगले कुछ मिनटों में लड़की ने हिम्मत जुटाते हुए अपराधियों को उसी जगह में एक कोने में कैद कर दिया और दर्द में जूझने के बावजूद अपना साहस दिखाते हुए उनके फ़ोन छीनने में कामयाब रही। वह ब्यूटिशियन के कोर्स की फाइनल ईयर की छात्रा थी।

उसने इस घटना को नागपुर पुलिस के साथ साँझा किया।उसकी इस बहादुरी की बदौलत पुलिस मुजरिमो को पकड़ने में कामयाब रही।लेकिन जैसा कहा जाता है की कोर्ट तभी फांसी की सज़ा सुना सकता है जब अपराध बहुत ही बड़ा हो।शक्ति मिल्स गैंगरेप मामले में, तीन अपराधियों को मौत की सजा दी गई थी।

ये घटना कई चीज़ों को उजागर करती है

सबसे पहले तो पुलिस को सख्ती से पेश आना पड़ेगा और यह सुनिश्चित करना पड़ेगा की आरोपी किसी भी तरह से भाग ना पाए और दूसरा यह है की अपराधियों को कोर्ट में पेश कर बिना किसी दवाब से उनको कड़ी से कड़ी सजा दी जाये।

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