“देने वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के” ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। ये कहावत सिर्फ कहने में ही सच नहीं है बल्कि इस कहावत का जो मतलब निकलता है उसके कई उदाहरण जिंदगी में देखने को मिल जाते हैं। रातों रात लोगों की किस्मत बदल जाती हैं। लोग फुटपाथ से आलीशान मकान में पहुंचे जाते हैं। अब उनके साथ होने वाले ऐसे चमत्कारों को उनकी किस्मत कहेंगे और उनके ऊपर भगवान की मेहरबानी, खैर जो भी हो उन लोगों की जिंदगी बदल जाती है।

हमने आपको इसके पहले भी कई आर्टिकल्स में ऐसे लोगों की कहानी बताई है जिसमें लोग रातों-रात करोड़पति बन गए हैं। वहीं कई लोग फेमस भी हुए हैं। इन दिनों सोशल मीडिया भी एक ऐसा ही माध्यम बन गया है, जिससे लोग रातों-रात मशहूर हो जाते हैं। आज हम आपको ऐसी ही महिला की कहानी बताएंगे जो अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए लोगों के घरों में जाकर काम करती थी, लेकिन देखते ही देखते वो पूरे देश और दुनिया में फेमस हो गई।

गीता नाम की बाई को भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी काम करने के ऑफर आने लगे, इतना ही नहीं गीता इंटरनेट पर एक सनसनी बन गई थीं। बता दें कि गीता के रातों रात फेमस होने की वजह है उनका विजिटिंग कार्ड। जी हां, गीता के पास अपना खुद का विजिटिंग कार्ड है और उनका यही कार्ड उनके फेमस होने की वजह बन गया। तो चलिए अब आपको बताते हैं कि किस तरह से लोगों के घरों में जाकर काम करने वाली गीता नाम की बाई रातों-रात इतना फेमस हो गई।

गीता के पास है खुद का विजिटिंग कार्ड

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zeenews

महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाली गीता बाई का काम करती है। वो अपने घर के लालन पालन के लिए घर-घर जाकर चूल्हा चौका करती है। गीता भी उन हजारों बाइयों में से एक थी जो अपने परिवार के लिए जाकर काम करती है, लेकिन गीता फेमस हुई क्योंकि उनके पास खुद का विजिटिंग कार्ड था। गीता का विजिटिंग कार्ड जब सोशल मीडिया पर आया तो बुरी तरह से वायरल हो गया। हर कोई गीता के विजिटिंग कार्ड को शेयर करने लगा और देखते ही देखते गीता इंटरनेट का सेंशेसन बन गई थी। कुछ लोगों ने तो गीता के इस विजिटिंग कार्ज को ‘विजिटिंग कार्ड ऑफ ईयर’ का टैग दे दिया है।

कैसे वायरल हुआ कार्ड

बता दें कि गीता का ये विजिटिंग कार्ड जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उनको देश-विदेश से काम करने के ऑफर आने लगे। गीता के इस विजिटिंग कार्ड में लिखा हुआ है कि ‘घर काम मौसी इन बाधवान…आधार कार्ड प्रमाणित’ इसके साथ ही वो किस काम के लिए कितने पैसे लेती हैं, कार्ड पर इस बात की भी पूरी डीटेल दी गई है।

नौकरी जाने के बाद बना विजिटिंग कार्ड

दरअसल, गीता के पास विजिटिंग कार्ड बनाने का आइडिया उनको एक महिला ने दिया जिसके घर में वो काम करती थी। इस कार्ड के बनने की वजह बना उनका नौकरी जाना। खबरों के अनुसार गीता घर-घर जाकर काम करती थीं। एक दिन वो धनश्री शिंदे के यहां रोज की तरह काम करने गई, लेकिन वह उस वक्त काफी परेशान और उदास थी गीता को उदास और परेशान देखकर धनश्री ने इसकी वजह पूछी तब गीता काले ने बताया कि बगैर मेरी गलती के मुझे एक जगह से निकाल दिया गया है और इसी बात से वो अब काफी परेशान हैं कि उनको दूसरा काम कैसे मिलेगा।

गीता की परेशानी जानकर धनश्री ने उनकी मदद करने की सोची। धनश्री के दिमाग में गीता का विजिटिंग कार्ड बनवाने का आइडिया आया। उन्होंने इस पर काम शुरू किया और दो दिन के अंदर ही गीता का विजिटिंग कार्ड बन गया। जिसके बाद धनश्री ने गीता के इस विजिटिंग कार्ड्स को सोसाइटी के गार्डस को दे दिया और उनसे इसे लोगों को बांटने के लिए कहा।

धनश्री ने खुद भी गीता के विजिटिंग कार्ड को अपने कई व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर दिया। फिर क्या थी देखते ही देखते गीता का ये कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उनके पास देश-विदेश से काम करने के लिए फोन आने लगे। बाहर से आने वाले कॉल्स से गीता इतनी परेशान हो गई कि उन्होंने अपनी फोन ही बंद कर दिया।

बता दें कि सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है, जो किसी को भी रातों-रात पूरी दुनिया में फेमस कर देता है। सिर्फ गीता ही नहीं बल्कि ना जानें और भी कितने ऐसे लोग हैं जो सोशल मीडिया के द्वारा रातों-रात फेमस हो गए और स्टार बन गए। इसी को कहते हैं किस्मत, जब जिसकी किस्मत में लिखा होता है वो उसको मिल ही जाता है। भले ही गीता को पूरी दुनिया में पहचान बाई के तौर पर मिली हो लेकिन वो देश और दुनिया हर जगह ही फेमस हो गई।

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