(Statue of Unity) सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का उद्धघाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उनकी जयंती पर किया। गुजरात के केवड़िया स्थित यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है। ये दुनिया की सबसे ऊंची मर्ति है। यह प्रतिमा सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल (Statue of Unity)

अपनी ऊंचाई के कारण यह प्रतिमा अब दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बन गई है। दुनिया में अब दूसरे स्थान पर चीन में स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की मूर्ति है, जिसकी ऊंचाई 153 मीटर है। इस विशालकाय मूर्ति को देखने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के पर्यटक भी आएंगे। सरकार ने पर्यटकों के ठहरने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है।

Statue of Unity
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स्टैच्यू आफ यूनिटी जहां राष्ट्रीय गौरव और एकता की प्रतीक है वहीं यह भारत के इंजीनियरिंग कौशल तथा परियोजना प्रबंधन क्षमताओं का सम्मान भी है। शिल्पकार श्री राम वी. सुतार  ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी  को डिजाइन किया है। उनकी निगरानी में चीन में इस प्रतिमा की कास्टिंग यानी ढलाई हुई और एक-एक कर हिस्से गुजरात लाये गए। श्री राम वी सुतार के मुताबिक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने मे चार धातुओं का प्रयोग किया गया है। जिसमें तांबे के साथ-साथ जिंक, लेड और टीन शामिल है। इससे प्रतिमा हजारों साल तक खराब नहीं होगी। इस पर धूल, धूप, बारिश व जंग का भी कोई असर नहीं होगा।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है। प्रतिमा अपने आप में अनूठी है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए आम लोगों को 350 रुपये खर्च करने पड़ेंगे और बस के लिए 30 रुपये भी देने होंगे। आप ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। यानी घूमने और देखने के लिए 380 रुपये देने होंगे।

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