lord-hanuman-hd
Youngisthan. In

हनुमान जी के बारे में हम सबको पता है की कैसे उन्होंने भगवान राम का साथ दिया और सीता माता को रावण की लंका से मुक्त करवाने में मदद की। हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सरे दुख दर्द मिट जाते है। हनुमान जी एक ऐसे भोले देवता है जो थोड़ी सी ही पूजा अर्चना से ही प्रसन्न हो जाते है। इनकी पूजा करने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। आज हम आपको हनुमान जी के 108 नाम और उनका क्या अर्थ है और भगवान हनुमान के मन्त्र के बारे में बताएंगे। तो आइये जानते है हनुमान जी के 108 नाम आखिर है क्या और उनका अर्थ क्या है?

Hanuman Ji ke 108 Naam, Arth or Mantra

NoNameName MantraName Meaning
1आंजनेयाॐ आञ्जनेयाय नमः।अंजना का पुत्र
2महावीरॐ महावीराय नमः।सबसे बहादुर
3हनूमतॐ हनूमते नमः।जिसके गाल फुले हुए हैं
4मारुतात्मज ॐ मारुतात्मजाय नमः। पवन देव के लिए रत्न जैसे प्रिय
5तत्वज्ञानप्रद ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः।बुद्धि देने वाले
6सीतादेविमुद्राप्रदायकॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः।सीता की अंगूठी भगवान राम को देने वाले
7अशोकवनकाच्छेत्रेॐ अशोकवनकाच्छेत्रे नमः।अशोक बाग का विनाश करने वाले
8सर्वमायाविभंजन ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः। छल के विनाशक
9सर्वबन्धविमोक्त्रेॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः।मोह को दूर करने वाले
10रक्षोविध्वंसकारकॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः।राक्षसों का वध करने वाले
11परविद्या परिहारॐ परविद्या परिहाराय नमः।दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाले
12परशौर्य विनाशनॐ परशौर्य विनाशनाय नमः।शत्रु के शौर्य को खंडित करने वाले
13परमन्त्र निराकर्त्रेॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः। राम नाम का जाप करने वाले
14परयन्त्र प्रभेदकॐ परयन्त्र प्रभेदकाय नमः।दुश्मनों के उद्देश्य को नष्ट करने वाले
15सर्वग्रह विनाशीॐ सर्वग्रह विनाशिने नमः।ग्रहों के बुरे प्रभावों को खत्म करने वाले
16भीमसेन सहायकृथेॐ भीमसेन सहायकृथे नमः।भीम के सहायक
17सर्वदुखः हराॐ सर्वदुखः हराय नमः।दुखों को दूर करने वाले
18सर्वलोकचारिणेॐ सर्वलोकचारिणे नमः।सभी जगह वास करने वाले
19मनोजवाय ॐ मनोजवाय नमः।जिसकी हवा जैसी गति है
20पारिजात द्रुमूलस्थॐ पारिजात द्रुमूलस्थाय नमः।प्राजक्ता पेड़ के नीचे वास करने वाले
21सर्वमन्त्र स्वरूपवतेॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः।सभी मंत्रों के स्वामी
22सर्वतन्त्र स्वरूपिणेॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः।सभी मंत्रों और भजन का आकार जैसा
23सर्वयन्त्रात्मकॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः।सभी यंत्रों में वास करने वाले
24कपीश्वरॐ कपीश्वराय नमः।वानरों के देवता
25महाकाय ॐ महाकायाय नमः।विशाल रूप वाले
26सर्वरोगहराॐ सर्वरोगहराय नमः।सभी रोगों को दूर करने वाले
27प्रभवेॐ प्रभवे नमः।सबसे प्रिय
28बल सिद्धिकरॐ बल सिद्धिकराय नमः।—–
29सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकॐ सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकाय नमः।ज्ञान और बुद्धि प्रदान करने वाले
30कपिसेनानायकॐ कपिसेनानायकाय नमः।वानर सेना के प्रमुख
31भविष्यथ्चतुराननायॐ भविष्यथ्चतुराननाय नमः। भविष्य की घटनाओं के ज्ञाता
32कुमार ब्रह्मचारीॐ कुमार ब्रह्मचारिणे नमः।युवा ब्रह्मचारी
33रत्नकुण्डल दीप्तिमतेॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः। कान में मणियुक्त कुंडल धारण करने वाले
34चंचलद्वाल सन्नद्धलम्बमान शिखोज्वलाॐ चञ्चलद्वाल सन्नद्धलम्बमान शिखोज्वलाय नमः।जिसकी पूंछ उनके सर से भी ऊंची है
35गन्धर्व विद्यातत्वज्ञॐ गन्धर्व विद्यातत्वज्ञाय नमः।आकाशीय विद्या के ज्ञाता
36महाबल पराक्रमॐ महाबल पराक्रमाय नमः।महान शक्ति के स्वामी
37काराग्रह विमोक्त्रेॐ काराग्रह विमोक्त्रे नमः।कैद से मुक्त करने वाले
38शृन्खला बन्धमोचकॐ शृन्खला बन्धमोचकाय नमः।तनाव को दूर करने वाले
39सागरोत्तारक :ॐ सागरोत्तारकाय नमः।सागर को उछल कर पार करने वाले
40प्राज्ञायॐ प्राज्ञाय नमः।विद्वान
41रामदूतॐ रामदूताय नमः। भगवान राम के राजदूत
42प्रतापवतेॐ प्रतापवते नमः।वीरता के लिए प्रसिद्ध
43वानरॐ वानराय नमः।वानर
44केसरीसुतॐ केसरीसुताय नमः। केसरी के पुत्र
45सीताशोक निवारकॐ सीताशोक निवारकाय नमः।सीता के दुख का नाश करने वाले
46अन्जनागर्भसम्भूताॐ अन्जनागर्भ सम्भूताय नमः। अंजनी के गर्भ से जन्म लेने वाले
47बालार्कसद्रशाननॐ बालार्कसद्रशाननाय नमः।बालार्कसद्रशानन
48विभीषण प्रियकर ॐ विभीषण प्रियकराय नमः।विभीषण के हितैषी
49दशग्रीव कुलान्तकॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः।रावण के राजवंश का नाश करने वाले
50लक्ष्मणप्राणदात्रे ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।लक्ष्मण के प्राण बचाने वाले
51वज्रकाय ॐ वज्रकायाय नमः।धातु की तरह मजबूत शरीर
52महाद्युतॐ महाद्युथये नमः।सबसे तेजस
53चिरंजीविनेॐ चिरञ्जीविने नमः।अमर रहने वाले
54रामभक्त ॐ रामभक्ताय नमः।भगवान राम के परम भक्त
55दैत्यकार्य विघातकॐ दैत्यकार्य विघातकाय नमः।राक्षसों की सभी गतिविधियों को नष्ट करने वाले
56अक्षहन्त्रेॐ अक्षहन्त्रे नमः।रावण के पुत्र अक्षय का अंत करने वाले
57कांचनाभॐ काञ्चनाभाय नमः।सुनहरे रंग का शरीर
58पंचवक्त्रॐ पञ्चवक्त्राय नमः।पांच मुख वाले
59महातपसीॐ महातपसे नमः।महान तपस्वी
60लन्किनी भंजनॐ लन्किनी भञ्जनाय नमः।लंकिनी का वध करने वाले
61श्रीमतेॐ श्रीमते नमः।प्रतिष्ठित
62सिंहिकाप्राण भंजनॐ सिंहिकाप्राण भञ्जनाय नमः।सिंहिका के प्राण लेने वाले
63गन्धमादन शैलस्थॐ गन्धमादन शैलस्थाय नमः।गंधमादन पर्वत पार निवास करने वाले
64लंकापुर विदायकॐ लङ्कापुर विदायकाय नमः।लंका को जलाने वाले
65सुग्रीव सचिवॐ सुग्रीव सचिवाय नमः। सुग्रीव के मंत्री
66धीर ॐ धीराय नमः।वीर
67शूर ॐ शूराय नमः।साहसी
68दैत्यकुलान्तकॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः।राक्षसों का वध करने वाले
69सुरार्चितॐ सुरार्चिताय नमः। देवताओं द्वारा पूजनीय
70महातेजसॐ महातेजसे नमः।अधिकांश दीप्तिमान
71रामचूडामणिप्रदायकॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः। राम को सीता का चूड़ा देने वाले
72कामरूपिणेॐ कामरूपिणे नमः।अनेक रूप धारण करने वाले
73पिंगलाक्षॐ पिङ्गलाक्षाय नमः।गुलाबी आँखों वाले
74वार्धिमैनाक पूजितॐ वार्धिमैनाक पूजिताय नमः।मैनाक पर्वत द्वारा पूजनीय
75कबलीकृत मार्ताण्डमण्डलायॐ कबळीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः।सूर्य को निगलने वाले
76.विजितेन्द्रियॐ विजितेन्द्रियाय नमः।इंद्रियों को शांत रखने वाले
77रामसुग्रीव सन्धात्रेॐ रामसुग्रीव सन्धात्रे नमः।राम और सुग्रीव के बीच मध्यस्थ
78.महारावण मर्धनॐ महारावण मर्धनाय नमः।रावण का वध करने वाले
79.स्फटिकाभा ॐ स्फटिकाभाय नमः।एकदम शुद्ध
80वागधीश ॐ वागधीशाय नमः।प्रवक्ताओं के भगवान
81नवव्याकृतपण्डितॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः।सभी विद्याओं में निपुण
82चतुर्बाहवेॐ चतुर्बाहवे नमः।चार भुजाओं वाले
83दीनबन्धुरा ॐ दीनबन्धुराय नमः।दुखियों के रक्षक
84महात्मामायात्मने नमः।भगवान
85भक्तवत्सल ॐ भक्तवत्सलाय नमः।भक्तों की रक्षा करने वाले
86संजीवन नगाहर्त्रे ॐ संजीवननगायार्था नमः।संजीवनी लाने वाले
87सुचयेॐ सुचये नमः।पवित्र
88वाग्मिनेॐ वाग्मिने नमः। वक्ता
89दृढव्रताॐ दृढव्रताय नमः। कठोर तपस्या करने वाले
90कालनेमि प्रमथनॐ कालनेमि प्रमथनाय नमः।कालनेमि का प्राण हरने वाले
91हरिमर्कट मर्कटाॐ हरिमर्कट मर्कटाय नमः।वानरों के ईश्वर
92दान्त ॐ दान्ताय नमः।शांत
93शान्तॐ शान्ताय नमः।रचना करने वाले
94प्रसन्नात्मनेॐ प्रसन्नात्मने नमः। हंसमुख
95शतकन्टमदापहते ॐ शतकन्टमुदापहर्त्रे नमः।शतकंट के अहंकार को ध्वस्त करने वाले
95योगीॐ योगिने नमः।महात्मा
97मकथा लोलाय ॐ रामकथा लोलाय नमः।भगवान राम की कहानी सुनने के लिए व्याकुल
98सीतान्वेषण पण्डितॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः।सीता की खोज करने वाले
99वज्रद्रनुष्टॐ वज्रद्रनुष्टाय नमः।—–
100वज्रनखाॐ वज्रनखाय नमः।वज्र की तरह मजबूत नाखून
101रुद्रवीर्य समुद्भवाॐ रुद्र वीर्य समुद्भवाय नमः।भगवान शिव का अवतार
102इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्र विनिवारकॐ इन्द्रजित्प्रहितामोघब्रह्मास्त्र विनिवारकाय नमः।इंद्रजीत के ब्रह्मास्त्र के प्रभाव को नष्ट करने वाले
103पार्थ ध्वजाग्रसंवासिनेॐ पार्थ ध्वजाग्रसंवासिने नमः।अर्जुन के रथ पार विराजमान रहने वाले
104शरपंजर भेदकॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः।तीरों के घोंसले को नष्ट करने वाले
105दशबाहवेॐ दशबाहवे नमः। दस्द भुजाओं वाले
106लोकपूज्यॐ लोकपूज्याय नमः।ब्रह्मांड के सभी जीवों द्वारा पूजनीय
107जाम्बवत्प्रीतिवर्धन ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः।जाम्बवत के प्रिय
108सीताराम पादसेवाॐ सीतासमेत श्रीरामपाद सेवदुरन्धराय नमः।भगवान राम और सीता की सेवा में तल्लीन रहने वाले

 

और पढ़े:

Facebook Comments