Purnima ke Din Janme Log: कहा जाता है कि लोगों के व्यक्तित्व के गुणों में अंतर उनके जन्म समय के आधार पर होता है। एक निश्चित समयावधि के दौरान जन्मे लोगों के औसत व्यक्तित्व के गुणों का पता लगाया जा सकता है। किसी खास दिन या फिर किसी खास नक्षत्र में जन्मे लोगों को हमेशा से ही खास माना गया है, जैसे पूर्णिमा के दिन जन्मे लोग। बताना चाहेंगे कि हमारे हिन्दू धर्म में प्राचीन समय से ही पूर्णिमा का बहुत ही खास महत्त्व रहा है और जैसा कि बताया जाता है साल भर में कुल 12 पूर्णिमा और 12 अमावस्या होती हैं।

वर्ष की 12 पूर्णिमाओं में कार्तिक पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा आदि मुख्य पूर्णिमा मानी गई हैं। यह भी बताया जाता है कि यदि पूर्णिमा के दिन हम अपने कर्मों से इन सकारात्मक शक्तियों की कृपा पा लें तो हमारा भाग्य बदल जाता है और हम सुख समृद्धि से जीवन व्यतीत कर सकते हैं। इस दिन इन शक्तियों को प्रसन्न करने के लिए पूजा में कुछ प्रभावी टोटके और उपाय किये जाते हैं। यह भी बता दें कि जो भी शिशु इस दिन जन्म लेता है उसमें कुछ सामान्य दिनों में जन्म लेने वालों शिशुओं से कुछ अलग होता है।

पूर्णिमा यानी कि वो दिन जब चन्द्र देवता पूर्ण रूप में दिखाई देते हैं। चन्द्र का संबंध व्यक्ति के मन से है जिसका ये अर्थ होता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन जन्म लेता है उसके मन पर चन्द्र का पूरा प्रभाव पड़ता है। इस दिन जन्मे बच्चे बेहद ही सुन्दर होते हैं क्योंकि नभ में चंद्रमा अपनी पूर्ण चांदनी के साथ होता है, जिसका असर इस दिन जन्मे शिशु पर भी पड़ता है।

पूर्णिमा पर हनुमान जी और गौतम बुद्ध जी का भी जन्म हुआ था। गुरु पूर्णिमा पर वेद व्यास जी जैसे महान ज्ञानी ने जन्म लेकर 18 पुराणों की रचना की थी। आज हम आपको बताने जा रहे हैं पूर्णिमा के दिन जन्म लेने वाले शिशुओं के बारे में और साथ ही आपको ये भी बताएंगे कि इस दिन जन्म लेने वाले लोग कितने ख़ास होते हैं और इन्हें अपने जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पूर्णिमा के दिन जन्म लेने वाले लोगों में होती हैं ये खूबियां

बता दें कि शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस्या कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार वर्ष में ऐसे कई महत्वपूर्ण दिन और रात हैं जिनका धरती और मानव चेतना पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। उनमें से ही सबसे महत्वपूर्ण दिन है पूर्णिमा। बताया जाता है कि किसी भी माह की पूर्णिमा तिथि को जन्म लेने वाले लोग अपने आप में बहुत ही ज्यादा खास होते हैं। बताना चाहेंगे कि इन लोगों के अन्दर जो भी इच्छा होती है, वो उसे पूरा करने के लिए हर तरह के दावं पेंच आजमाते हैं और उससे भी काम न बने तो साम दाम, दण्ड, भेद आदि सभी नीतियों को अपना लेते हैं।
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माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन जन्मे लोगों को दैवीय शक्ति पर विश्वास होता है और इसके साथ ही यह भी देखा गया है कि इनके बुरे कार्यों की वजह से ही ये काफी चिंतित भी रहते हैं। शुभ फल के लिए इन्हें चंद्रमा को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए। चूंकि पूर्णिमा के दिन चांद पूर्ण रूप से निकलता है और मान्यता है कि यह दिन किसी भी तरह के शुभ कार्य करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है और ऐसे में अगर इस तिथि पर किसी शिशु का जन्म होता है तो आगे चलकर वह बुद्धिमान बनता है। इसके अलावा इस दिन जन्मे लोग दिखने में भी सुंदर होते हैं। साथ ही ये अच्छा खान-पान और अच्छा पहनावा पसंद करते हैं। हालांकि, इनकी कामवृत्ति तीव्र होती है और ये पराई स्त्री और पराए पुरुष से संबंध भी बनाते हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं आपको यह भी बता दें कि धन संपदा की इनके पास कभी कोई कमी नहीं होती है, मगर समस्या ये होती है कि उन्हें इसे संभालकर रखना नहीं आता। हालांकि, जैसा की देखा गया है कि पूर्णिमा पर जन्मे लोग अच्छा पहनना पसंद करते हैं क्योंकि वे सुन्दर होते हैं और ऐसे में उन्हें अपना रूप निखारना पसंद होता है।  इसके साथ ही इस दिन जन्मे बालक बहुमुखी प्रतिमा के धनी होते है और कई गुणों से भरपूर होते हैं। करियर में ये काफी अच्छा करते हैं और एक उच्च पोस्ट पर विराजमान होते हैं। नाम और शोहरत कमाने का हुनर इन्हें बखूबी आता है।

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