Shukla Paksha: हिन्दू पंचांग के अनुसार एक वर्ष में कुल 12 महीने होते हैं और इसमें एक दिन को एक तिथि कहते हैं। इस तिथि की अवधि 19 से 24 घंटों तक की हो सकती है। जानकारी के लिए यह भी बता दें कि पंचांग में यह भी माना जाता है कि हर माह में तीस दिन होते हैं और इन महीनों की गणना सूरज और चन्द्रमा की गति के अनुसार ही की जाती है। चन्द्रमा की कलाओं के ज्यादा होने या कम होने के अनुसार ही महीने को दो पक्षों में बांटा गया है, जिन्हें कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष कहा जाता है। आपको बता दें कि अमावस्या और पूर्णिमा के मध्य के चरण को हम शुक्ल पक्ष कहते हैं। माना जाता है कि कोई भी शुभ काम करने के लिए इस पक्ष को उपयुक्त और सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यही वजह है कि हिन्दू समाज में किसी भी नए काम की शुरुआत शुक्ल पक्ष में ही की जाती है।

शुक्ल पक्ष में जन्मे लोग [Shukla Paksh me Janme Log]

शास्त्रों में भी इस बात का उचित उल्लेख है कि हर महीने के पंद्रह दिन कृष्ण पक्ष में आते हैं और अन्य पंद्रह दिन शुक्ल पक्ष में और ऐसे में यदि किसी भी व्यक्ति का जन्‍म शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा को हुआ है तो निश्चित रूप से आपकी कुंडली में चंद्रमा बालावस्‍था में होगा, जिसके अनुसार आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर है और इस वजह से आपको इसके नकारात्‍मक प्रभाव मिल सकते हैं। लेकिन इसके अलावा आपकी जानकारी के लिए यह भी बताना चाहेंगे कि शुक्ल पक्ष की एकादशी से कृष्णपक्ष की पंचमी तक जन्‍म लेने वाले जातकों की कुंडली में चंद्रमा बेहद ही मजबूत स्थिति में होता है। ऐसे में इन जातकों को चंद्रमा के प्रभाव में सकारात्‍मक फल प्राप्‍त होते हैं। चंद्रमा की शुभ स्थिति के कारण ये लोग इससे जुड़े भाव में सफलता हासिल करते हैं।
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शुक्ल पक्ष में जन्मे जातक का स्वभाव

शुक्ल पक्ष की अवधी में जन्म लेने वाले जातकों को सदैव लम्बी आयु प्राप्त होती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ये अन्नदाता, पालन करने वाले, पुत्रवान, दानवीर और उच्च श्रेणी के मित्र वाले इन्सान होते हैं। इस पक्ष को चांदण पक्ष भी कहा जाता है। चूंकि शुक्ल पक्ष में जन्मे जातक रौशनी और उजाले का प्रतीक माने जाते हैं इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह बताया गया है कि शुक्ल पक्ष में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव भी पूर्णिमा के चांद के समान उज्जवल और रौशन होता है। जो भी शिशु इस पक्ष में जन्म लेता है उसे ज्ञानी और कई विषयों में महारथ रखने वाला माना जाता है, साथ ही इन जातकों की बुद्धि सुन्दर और शुद्ध होती है। यह भी मान्यता है कि इस दौरान जन्म लेने वाले व्यक्ति जिस भी कार्य को करने की ठान लेते हैं, उसे पूरे मन से और पूरी कुशलता के साथ करते हैं।  क्योंकि ये जातक बहुत ही परिश्रमी होते हैं और इनकी सबसे खास बात ये होती है कि ये लोग कभी भी मेहनत करने से पीछे नही हटते।

शुक्ल पक्ष में जन्मे लोगों की और भी है खासियत

इस बात से तो आप बेहतर ही परिचित होंगे कि जो भी व्यक्ति मेहनत से नहीं कतराता है सफलता उसी के कदमों को चूमती है। साथ ही ये कठिनाइयों को भी आसानी से पार कर लेते हैं। कुछ ऐसी ही इनकी भी फितरत होती है। इसके अलावा आपको यह भी बताते चलें कि ये अपनी बुद्धिमता और मेहनत से धन को अर्जित करने में भी सफल रहते हैं, इसलिए इन्हें कभी भी धन से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। इनके स्वभाव की सबसे अच्छी विशेषता यही है कि ये सरल और स्नेहशील परवर्ती के व्यक्ति होते हैं। ये जातक अपने से बड़ो का आदर करने में कभी कोताही नहीं बरतते और अपने से छोटों के प्रति इनके मन में हमेशा प्रेम भाव बना रहता है। कला में भी ये काफी दिलचस्पी रखते हैं।

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