रमजान मुस्लिम धर्म का पर्व है। जहां लोग रोजा रखकर अल्लाह की आराधना करते है। रमजान का त्यौहार पूरे एक महीने तक मनाया जाता है और महीने के अंत में ईद के जश्न के साथ इस पाक त्यौहार को अलविदा किया जाता है। इस साल रमजान 7 मई से शुरू हो रहे है। 30 दिनों के रोजों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद मनाई जाएगी। रोजों के बाद मनाई जाने वाली ईद को ईद-उल-फितर कहते है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है।

यह महीना मुस्लिम समुदाय के लोगो के बेहद खास होता है। रोजा रखने के लिए सूरज के उगने से पहले सेहरी खाई जाती है। इसके बाद पूरे दिन कुछ नहीं खाया जाता, सूरज के ढलने के बाद ही मगरिब की अजान होने पर रोजा खोला जाता है। जो लोग रोजा रखते है वो 5 वक्त की नमाज भी पढ़ते है। रमजान के दौरान लोग अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों को सोशल मीडिया पर मैसेज करके रमजान की बधाई देते है। वहीं दूसरी तरफ बहुत से लोग स्टेटस लगा कर भी बधाई देते है। आज हम आपको रमजान के इस खास मौके पर कुछ कोट्स बता रहे है। जिनको आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के भेज कर बधाई दे सकते है।

अपने करीबी लोगो को ऐसे दें रमजान की बधाई Ramadan Quotes in Hindi

  • रमजान आया है, रमजान आया है, रहमतों का बरकतों का महीना आया है, लूट लो नेकियां जितना लूट सकते हो, पूरे एक साल में ये ऑफर का महीना आया है।
  • रहमतों की बारिश का महीना है दोस्तों, ए मेरे मुल्क़ तुझको हो रमज़ान मुबारक़।
  • खुशिया नसीब हो जन्नत करीब हो, तू चाहे जिसे वो तेरे करीब हो, कुछ इस तरह हो करम अल्लाह का, मक्का और मदीना की तुझे ज़ियारत नसीब हो।
  • जिंदगी को रमजान जैसी बनाओ, ताकी मौत ईद जैसी आए, रमजान मुबारक दोस्तों।
  • चांद से रोशन हो रमजान तुम्हारा , इबादत से भर जाए रोजा तुम्हारा, हर नमाज हो कबूल आपकी, बस यही दुआ है खुदा से हमारी।
  • रमजान का चांद दिखा, रोजे की दुआ मांगी, रोशन सितारा दिखा, आप की खैरियत की दुआ मांगी।
  • हम आप की याद में उदास हैं, बस आप से मिलने की आस है, चाहे दोस्त कितने ही क्यों ना हों, मेरे लिए तो आप ही सब से खास हैं।
  • रमजान में हो जाएं सबकी मुराब पूरी, मिले सबको ढेरों खुशियां, और ना रहे कोई इच्छा अधूरी।
  • ऐ चांद उनको मेरा पैगाम कहना, खुशी का दिन और हंसी की हर शाम कहना, जब वो देखे बाहर आकर तो उनको मेरी तरफ से, मुबारक हो रमजान कहना।
  • बे-जुबान को जब वो जुबान देता है, परहें को फिर वो कुरान देता है, बक्शने पर आए जब उम्मत के गुनाहोंं को, तोहफे में गुनहगारों को रमज़ान देता है, रमज़ान मुबारक।
  • सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल, दुनिया के सारे गम तुम्हें जाए भूल, चारों तरफ फैलाओं खुशियों के गीत, इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हें।
  • रमजान की आमद है, रहमतें बरसाने वाला महीना है, आओ आज सब खताओं की माफी मांग लें, दर-इ-तौरबा खुला है। 

प्रशांत यादव

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