Apple may Take a Bigger Bite of India’s Manufacturing Pie: भारत में I Phone लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है, जिसे सुनते ही वे खुशी से झूम उठेंगे। जी हां, आईफोन बनाने वाली कंपनी Apple चीन में मौजूद अपनी प्रॉडक्शन कपैसिटी का करीब 20 पर्सेंट हिस्सा भारत में शिफ्ट करने पर विचार कर रही है। साथ ही भारत में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के जरिए अपना रेवेन्यू भी आने वाले पांच सालों में बढ़ाकर लगभग 40 अरब डॉलर करना चाहती है, जिसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। बता दें कि यदि ऐसा हुआ, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी ज्यादा फायदा मिलेगा।

PLI स्कीम के तहत हो सकता है फैसला

Apple may take a bigger bite of India’s manufacturing pie
Representative Image

Apple कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव्स और सरकारी अधिकारियों के बीच पिछले कुछ महीनों से लगातार इस मामले में चर्चा हो रही है। एक अधिकारी ने ईटी से बातचीत में बताया कि ऐपल भारत में अपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन के जरिए स्मार्टफोन का प्रॉडक्शन बढ़ाकर 40 अरब डॉलर तक करने पर विचार कर रही है और इसका एक बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट किया जाएगा, जो जल्द ही शुरु हो सकता है। बताया जा रहा है कि कंपनी प्रॉडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) स्कीम के तहत इन्सेंटिव लेगी, जिससे भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

पीएम मोदी के साथ हुई थी मीटिंग

इस पूरे मामले में अधिकारियों का कहना है कि वे इस स्कीम में सभी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करेंगे, ताकि बाद में किसी तरह की समस्याएं पैदा न हो। याद दिला दें कि पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐपल, सैमसंग और डोमेस्टिक हैंडसेट कंपनी लावा के सीनियर एग्जिक्यूटिव्स के साथ बैठक की थी। दरअसल, केंद्र सरकार देश में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग लाना चाहती है, ताकि देश में बेरोजगारी दूर हो सके और अर्थव्यवस्था भी पटरी पर आ सके।

भारत के लिए ये हैं Apple की तैयारियां (Apple may Take a Bigger Bite of India’s Manufacturing Pie)

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, Apple के लिए भारत बहुत बड़ा मार्केट नहीं है, क्योंकि कंपनी देश में अपने प्रॉडक्शन का कुछ हिस्सा ही बेचती है, ऐसे में भारत के लिए उसने एक खास प्लान बनाया है। बताया जा रहा है कि Apple की योजना भारत को मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का बेस बनाने की है, जिससे यह अपने प्रॉडक्शन को चीन से बाहर भी निकाल सके। आकड़ों की बात करें, भारत में Apple की बिक्री करीब 1.5 अरब डॉलर की है। इसके विपरीत चीन में इसका प्रॉडक्शन लगभग 220 अरब डॉलर का है। इसी 220 अरब डॉलर में से कंपनी 185 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट करती है, ताकि उसे भरपूर फायदा मिल सके।

बनेंगे रोजगार के अवसर

विशेषज्ञों की माने तो, यदि सबकुछ ठीक रहा और Apple ने जल्द ही भारत में अपना 20 प्रतिशत हिस्सा शिफ्ट करेगी, तो इससे रोजगार के अवसर बनेंगे और लाखों नौकरियां आएंगी। दरअसल, चीन में ऐपल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से लगभग 48 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जिसकी वजह से भारत में भी इसी तरह का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अभी मंजिल दूर है, क्योंकि इसके लिए कंपनी के गाइडलाइंस और नियम फॉलो करने पड़ेंगे, जिसके बाद ही वह अपनी हिस्सेदारी भारत में शिफ्ट करेगी। बता दें कि इस स्कीम का फायदा लेने के लिए किसी भी कंपनी को साल 2020 से 2025 के बीच चरणबद्ध तरीके से देश में कम से कम 10 अरब डॉलर के मोबाइल हैंडसेट की मैन्युफैक्चरिंग करनी होगी, जिसके बाद ही इसका लाभ मिल सकता है।

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