Vivek Oberoi Biography in Hindi: बेहद कम लोग ही जानते हैं की एक्टिंग के अलावा फिल्म डायरेक्शन में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं विवेक ओबेरॉय विवेक ओबेरॉय जाने-माने एक्टर सुरेश ओबेरॉय के बेटे हैं। विवेक ओबेरॉय का पूरा नाम विवेक आनंद ओबेरॉय है। विवेक का जन्म 3 सितंबर 1976 को हैदराबाद में हुआ था। विवेक की माता का नाम यशोधरा ओबरॉय है। विवेक ओबरॉय के पिता स्वामी विवेकानंद के अनुयाई थें। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने बेटे का नाम विवेकानंद ओबेरॉय रखा। लेकिन फिल्मों में आने से पहले उन्होंने अपने नाम से ‘आनंद’ को हटा लिया। उनके मुताबिक उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि विवेकानंद के नाम के साथ पर्दे पर रोमांस और नृत्य करना उनके लिए विवेकानंद के नाम को शर्मसार करने जैसा था।
विवेक ओबरॉय की प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद स्थित पब्लिक स्कूल से ही हुई है। उसके बाद वह कॉलेज की पढ़ाई के लिए अजमेर के मेयो कॉलेज चले गए। विवेक एक फिल्मी परिवार से आते हैं। यही कारण है कि शुरू से ही उनकी एक्टिंग में दिलचस्पी रही है। अजमेर से कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद विवेक ओबेरॉय एक्टिंग की बारीकियों को सीखने के लिए न्यूयॉर्क चले गए।
फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद विवेक ओबेरॉय ने प्रियंका अल्वा से शादी कर ली। जो कि कर्नाटक के मंत्री जीवराज अल्वा की बेटी हैं। दोनों के दो बच्चे भी हैं, विवेक और प्रियंका के बेटे का नाम विवान ओबेरॉय है और बेटी का नाम अमाया ओबेरॉय।
विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से की।  इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन भी नजर आए हैं। विवेक ओबरॉय की इस पहली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट अपकमिंग एक्टर का अवार्ड भी मिला था। इसके बाद वह ‘रोड’ फिल्म में भी नजर आएं।
साल 2002 में विवेक ओबेरॉय रानी मुखर्जी के साथ फिल्म साथिया में नजर आएं। इस फिल्म का निर्देशन शाद अली ने किया था। इसके बाद विवेक ओबेरॉय ने एक के बाद एक कई सारी हिट फिल्में की। जिनमें मस्ती, युवा और द किसान जैसी फिल्में शामिल है।
2006 में विवेक ओबेरॉय फिल्म ओमकारा में एक दमदार किरदार में नजर आए। दर्शकों को उनका यह अभिनय काफी पसंद आया। इस दौरान आलोचकों ने भी उनके अभिनय की प्रशंसा की। आगे चलकर उन्होंने सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘शूट आउट एट लोखंडवाला‘ में गैंगस्टर की भूमिका निभाई इस फिल्म में भी विवेक ओबरॉय का प्रदर्शन उम्दा रहा। 2013 में विवेक ने फिल्म ‘कृष-3’ में भी काम किया।
विवेक ने कई सारी फिल्मों में स्क्रीनप्ले राइटर के तौर पर भी काम किया है। साल 2008 में उन्होंने फिल्म ‘मिशन इस्तानबुल’ में भी काम किया। यह फिल्म अपूर्व लाखिया के द्वारा निर्देशित की गई थी। इस फिल्म की निर्माता एकता कपूर थीं। साल 2009 में उन्होंने फिल्म ‘कुर्बान‘ में भी एक सपोर्टिंग एक्टर का किरदार निभाया है। साल 2010 में विवेक ओबेरॉय ने फिल्म ‘प्रिंस’ में काम किया। इसी साल उनके करियर की शुरुआत करने वाले रामगोपाल वर्मा ने भी उन्हें एक फिल्म का ऑफर दिया इस फिल्म का नाम था ‘रक्त चरित्र‘।
साल 2011 में विवेक ओबरॉय ने कुछ नया करने का सोचा और उन्होंने ‘वॉच इंडियन सर्कस’ नाम के एक फिल्म का निर्माण किया। इस फिल्म को 16वें बुसान फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया।
16–40 वर्ष की आयु वाली श्रेणी ने इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ के रूप में वोट दिया और इसे फिल्म के लिए विवेक ने बेस्ट ऑडियंस चॉइस अवार्ड जीता। दुनियाभर में 3000 फिल्मों और 380 फिल्मों के बीच स्क्रीनिंग हुई। बुसान के इतिहास के 16 वर्षों में यह प्रशंसित और प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म थी। इस फिल्म को पहले ही अंतर्राष्ट्रीय समीक्षकों और हॉलीवुड रिपोर्टर वैराइटी और स्क्रीन इंटरनेशनल के रिपोर्टरों से काफी समीक्षा मिली है।
फिल्मों में काम करने के अलावा विवेक ओबेरॉय ने टेलीविजन शो ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज‘ के तीनों सीजन में जज की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा साल 2017 में उन्होंने एक वेब सीरीज इंसाइड एज में भी काम किया है। पिछले दिनों विवेक ओबेरॉय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक को लेकर काफी चर्चा में रहे थे। चुनाव के दौरान रिलीज होने वाली इस फिल्म में विवेक ओबरॉय प्रधानमंत्री का किरदार निभाया था। हालांकि लोकसभा चुनाव के कारण फिल्म की रिलीजिंग डेट को आगे बढ़ा दिया गया।
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