सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की लावारिस उनके करियर की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म को अब 39 साल पूरे हो गए हैं। प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी लावारिस 1981 में 22 मई को रिलीज हुई थी। अमिताभ बच्चन के साथ इस फिल्म में शीर्ष भूमिकाओं में रंजीत, जीनत अमान और अमजद खान थे। फिल्म में एक गाना था ‘मेरे अंगने में‘। यह बेहद लोकप्रिय हुआ था। वैसे यह अलग बात रही कि अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन ने अमिताभ के इस गाने में लुक को देखकर अपना आपा खो दिया था और थिएटर से बाहर चली गई थीं। वर्तमान की बात करें तो लॉकडाउन के कारण जया बच्चन जहां अभी दिल्ली में फंसी हैं, वहीं बिग भी मुंबई में हैं।

वो अमिताभ का दौर था

जिस वक्त फिल्म लावारिस रिलीज हुई थी, उस वक्त अमिताभ बच्चन की फिल्म इंडस्ट्री में तूती बोल रही थी। कह सकते हैं कि वह दौर अमिताभ बच्चन का ही था। उस वक्त अधिकतर फिल्म निर्देशक और फिल्म प्रोड्यूसर आंखें बंद करके अमिताभ बच्चन पर पैसे लगा रहे थे। उन्हें इस बात का पूरा यकीन था कि अमिताभ बच्चन जो भी फिल्म करेंगे, उस फिल्म का सुपरहिट होना या ब्लॉकबस्टर बनना तय है। हो भी ऐसा ही रहा था। फिल्म लावारिस रिलीज हुई तो उस दौर में भी यह फिल्म 9 करोड़ रुपए की कमाई करने में कामयाब रही थी, जिसकी अगर वर्तमान में बात करें तो यह 166 करोड़ रुपए के लगभग है।

गाने ने डाल दी थी फिल्म में जान

mere angne mein song
Laawaris

फिल्म में जान डालने का काम गाना ‘मेरे अंगने में’ ने किया था। यह गाना बेहद हिट हो गया था। अमिताभ बच्चन को इस गाने में साड़ी, झुमके, नथ और मांग टीका तक पहने हुए देखा गया था। महिला के बिल्कुल अलग गेटअप में इस गाने में अमिताभ बच्चन देखे गए थे।

इतनी नाराज हुई थीं जया

अपनी किताब ‘अमिताभ बच्चन’ में सौम्य बंदोपाध्याय की ओर से बताया गया है कि जया बच्चन ने जब इस फिल्म का प्रीमियर देखा था तो बेहद गुस्से में वे थिएटर से बाहर चली गई थीं। यह गाना और कई दृश्य उन्हें बेहद अश्लील लगे थे। बाद में यही कथित अश्लीलता और गाने के बोल इतने अधिक लोकप्रिय हो गए थे कि यह गाना अमिताभ के स्टेज शो में भी आकर्षण का केंद्र बन गया था। केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इसकी लोकप्रियता सिर चढ़कर बोल रही थी।

आलोचना भी झेलनी पड़ी थी

इस गाने के कारण अमिताभ बच्चन को कई वर्षों तक आलोचना का भी शिकार होना पड़ा था। गाने को लेकर उनका खूब मजाक बना था। जब चुनाव हो रहे थे तो पोस्टर लगाकर विरोधी पार्टी के नेता इलाहाबाद की गलियों में उनका मजाक उड़ा रहे थे। इंदिरा गांधी की दरअसल जब हत्या हो गई थी तो राजीव गांधी जो कि तब अमिताभ के दोस्त थे, उनके कहने पर बिग भी राजनीति में आए थे और 1984 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से उन्होंने चुनाव लड़ा था।

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