Rekha Facts: रेखा हिंदी फिल्म जगत की एक खूबसूरत अभिनेत्री है। इनकी ज़िंदगी एक खुली किताब की तरह है। रेखा जी 70 के दशक की बेबाक और बिंदास अभिनेत्री थी। लेकिन आज के समय में वो खुद को अपने घर में कैद करके रखती है। इसे आप रेखा जी एक रहस्य मान सकते है। जिसमे ज़िंदगी की अधूरी ख्वाहिशें, तमाम अरमान बंद है। जमाना उनकी ज़िंदगी की दास्तान सुनना चाहता है। लेकिन रेखा जी अपनी दास्ताँ ब्यान करने में झिझकती है।

रेखा जी ने 1966 में रंगुला रत्नम फिल्म से अपनी करियर की शुरुवात की थी। उन्होने अपने फिल्म जगत के करियर में करीब 175 हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया है। उनमें से कुछ कामयाब फिल्म है जैसे खूबसूरत, खून भरी मांग’, खून और पसीना, मुकद्दर का सिकंदर और उमराव जान आदि रेखा जी ने तीन फिल्मफेयर और एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते है। रेखा जी को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। साल 1990 में रेखा ने मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा दिन नहीं टिक पाया और उनका तलाक हो गया। कुछ समय बाद ही उनके पति मुकेश अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली थी। लेकिन रेखा जी आज भी अपनी मांग में सिंदूर लगाती है। वो सिंदूर क्यों लगाती है। ये भी अपने आप में बहुत बड़ा रहस्य है। ये आज तक किसी को भी नहीं पता चला।

रेखा जी बहुत ही मशहूर अभिनेत्री है। लेकिन एक अजीब बात है कि जिनकी अदाओं से दुनिया का दिल बहला, उनकी चाहते अधूरी ही रह गयी है। जो लोग उनके दिल के करीब थे। कुछ वजहों के कारण उनका साथ छोड़ते चले गए। उस समय रेखा जी ने खुद को बहुत अच्छे से संभाला था। 80 के दशक की तमाम फिल्में रेखा जी के नाम से चली लेकिन ज़िंदगी…..

rekha facts
mid day

वहीं हम अमिताभ और रेखा जी के रिश्ते के बारे में बात करे तो इसका सिलसला दरअसल दूरियों से शुरू हुआ था। 1973 में अमिताभ और रेखा जी दोनों को मेला फिल्म मिली थी। लेकिन अमिताभ की कमियों के कारण उनको मूवी से निकाल दिया गया था। जब ये बात रेखा जी को पता चला तो अमिताभ से उन्हें सहानुभूति हुई।

ये भी पढ़े: रेखा-विनोद मेहरा की लव स्टोरी

इसके बाद दोनों ने नमकहराम फिल्म में एक साथ काम किया। लेकिन इन फिल्म में दोनों आमने सामने सिर्फ एक ही सीन में आये थे। उस समय रेखा जी अमिताभ से पूरी तरह अनजान नहीं थी। जया और रेखा दोनों एक ही सोसायटी में रहती थी और जया को वो दीदी कह कर बुलाती थी। वो अमिताभ को जया के बॉयफ्रेंड के रूप में जानती थी। लेकिन उस समय ये नहीं पता था कि आगे चल कर ये रिश्ता इस तरह बदल जाएगा और एक साथ खड़ा होना भी बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

1981 में बात नामुमकिन ही हो गयी थी। सात वर्ष का साथ बहुत से सवालों के घेरे में खड़ा था। उस समय छपे रेखा के इंटरव्यू में तो उनका रिश्ता साफ दिख रहा था। लेकिन अमिताभ जी उस रिश्ते को लेकर खामोश ही थे। वो सभी बाते जमाने के सामने आखिरी सिलसला साबित हुआ। उस समय बच्चन और रेखा के बीच दूरिया इस कदर बढ़ गयी थी कि अमिताभ कुली के सेट पर हादसे का शिकार हुए थे। वो अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच लड़ रहे थे। लेकिन रेखा जी उनसे मिलने तक नहीं जा पायी।

रेखा जी की ज़िंदगी में अमिताभ की जगह एक परफैक्ट मैन के रूप में रही। ये बात रेखा जी भी मानती है कि अमिताभ के साथ काम करके उन्होंने खुद को लेकर गंभीर होना सीखा था।

Facebook Comments