Coronavirus: इस बात से सभी भली भांति अवगत हैं कि, कोरोना वायरस दुनिया भर में चीन के वुहान शहर से फैला है। लेकिन आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ चीनी वैज्ञानिकों ने ऐसा दावा किया है कि, कोरोना वायरस (Coronavirus) चीन में नहीं बल्कि किसी और देश में सबसे पहले पाया गया था। जानकारी हो कि, विश्व पटल पर चीनी वैज्ञानिकों के दावे के बाद से काफी हड़कंप मच गई है। चीनी वैज्ञानिकों (China Scientists) ने यह दावा विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक टीम के चीन में वायरस की खोज करने के बात की है। आइये जानते हैं चीनी वैज्ञानिकों के अनुसार किस देश में सबसे पहले मिला था कोरोना वायरस।

चीनी वैज्ञानिकों के अनुसार इस देश में सबसे पहले मिला था कोरोना वायरस (Coronavirus)

Coronavirus Found in europe before China Scientists Claim
Image Source – Amarujala.com

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, चीनी वैज्ञानिकों ने ऐसा दावा किया है कि, कोरोना वायरस (Coronavirus) सबसे पहले यूरोपीय देशों में पाया गया था। जी हाँ चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के हवाले से यह खबर आई है कि, चीन के सीनियर साइंटिस्ट और साँस की बीमारियों के एक्सपर्ट डॉक्टर झांग नैनशैन का कहना है कि, वुहान में कोरोना फैलने से पहले इसके कुछ अंश यूरोपीय देशों में भी मिले थे। गौरतलब है कि, इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए डॉक्टर झांग ने बताया है कि, कोरोना वायरस (Coronavirus) के अंश यूरोप के कुछ देश इटली, मिलान, तूरीन और पेरिस के सीवेज़ में मिले थे। डॉक्टर झांग के दिए बयान से यह स्पष्ट होता है कि, कोरोना वायरस सबसे पहले इन देशों में ही था। मीडिया को दिए बयानों में डॉक्टर झांग ने यह भी कहा है कि, यूरोपीय देशों में यह वायरस कई सालों से मौजूद रहा है। हालाँकि यह बात अलग है कि, इसके गंभीर मामले चीन के वुहान में आए।

यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस होने के पुख्ता सबूत भी मिले हैं

Coronavirus in europe Countries
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बता दें कि, चीनी वैज्ञानिक डॉक्टर झांग ने चीन के मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि, यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) की पहले से ही मौजूदगी के पुख्ता सबूत भी मिले हैं। उन्होनें अपने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि, यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस मौजूद होने के बाद भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया। जानकारी हो कि, इस बारे में चीन के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी करते हुए कहा है कि, वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच की जानी चाहिए। इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि, कोरोना की उत्पत्ति किसी अन्य देश से हुई हो लेकिन इसका फैलाव पहले चीन में हुआ है। इस खबर के बाद से ऐसा संभव है कि, जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक टीम अन्य देशों में जाकर कोरोना की उत्पत्ति का जांच करें।

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विशेष रूप से यूरोप के मिलान और तूरीन देश में साल 2019 में कोरोना वायरस (Coronavirus) की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। मालूम हो कि, चीन के वुहान में कोरोना वायरस का पहला केस 31 दिसंबर 2019 को आया था।

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