धर्मेंद्र सेन(Dharmendra Sen) की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें प्रशासन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के लिए आदेश तो दे दिया गया, लेकिन अस्पताल तक पहुंचाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया, मजबूरन वो साइकिल चलाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

कोरोना(Coronavirus) जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ एक तरफ जहां पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है तो वहीं बीजेपी शासित एमपी की शिवराज सरकार भी संक्रमण को रोकने को लेकर अपनी कोशिशों का बढ़-चढ़ कर प्रचार प्रसार कर रही है। लेकिन दावों की जमीनी हकीकत की पोल खोलती तस्वीर प्रदेश के ही शहडोल जिले से सामने आई है, जहां एक कोरोना पॉजिटिव मरीज साइकिल चलाकर शहर के बीचों बीच भीड़ भाड़ वाले इलाके से होता हुआ खुद ही मेडिकल कॉलेज पहुंचा।

दरअसल शहडोल के पांडव नगर वार्ड-7 में रहने वाले धर्मेंद्र सेन(Dharmendra Sen) की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो परिवार के लोगों सकते में आ गए। धर्मेंद्र के पडोसी और मोहल्ले के लोग उनपर अस्पताल में भर्ती होने के लिए दवाब बनाने लगे, इसी बीच धर्मेंद्र के पास मेडिकल कालेज में भर्ती होने के लिए फोन तो आया, लेकिन उन्हें लेने न तो एम्बुलेंस आई और न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई सरकारी कर्मचारी। कोरोना पॉजिटिव मरीज और उसके घर के लोग लगातार मेडिकल कॉलेज फोन मिलाते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। थक हार के मोहल्ले के लोगों के दवाब में धर्मेंद्र कोरोना संक्रमित होते हुए भी शहर के बीच से करीब 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर खुद ही मेडिकल कॉलेज भर्ती होने पंहुचे। 

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लापरवाही और अनदेखी के इस खुले मामले में जिम्मेदार अपनी खुद की वाह वाही करते नहीं थक रहे। मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार जिले के मुखिया सीएमएचओ का कहना है की “हमारे पास कोरोना मरीजो को इलाज के लिए लाने ले जाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है”, शहडोल के सीएमएचओ डॉक्टर राजेश पांडेय के मुताबिक, “हमारे पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जिले के लोगों से अपील है कि धैर्य रखें और हमारे संपर्क में रहे।

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