मणिपुर के छात्र ने लोगों को COVID-19 के बारे में जागरूक करने के लिए कोरोबोई(COROBOI) नाम से एक मोबाइल गेम बनाया है, जिसे अब एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

कोरोना वायरस(Coronavirus) के चलते दुनियाभर में लोगों के रहन सहन और जीने के तरीके में काफी बदलाव आया है। जानलेवा कोरोना वायरस की वजह से लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए मानों अपनी पूरी जीवनशैली ही बदल दी है। एक तरफ जहां कोरोना लोगों के लिए आफत बना हुआ है, तो वहीं दूसरू तरफ गेम डेवलपर्स को कोविड थीम काफी पसंद आ रही है। कुछ गेम डेवलपर्स ने तो कोविड थीम का इस्तेमाल कर गेम डेवलप भी कर दिए हैं, जिनकी मदद से लोगों को इस भयानक बीमारी के प्रति जारुक किया जा रहा है।

Manipur Student Invent Game
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दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस की वजह से हुए ल़ॉकडाउन के दौरान शौकिया गेम डेवलपर्स को भी अपना टैलेंट दिखाने का मौका दिया। ल़ॉकडाउन के दौरान मिले वक्त का फायदा उठाते हुए मणिपुर के इंफाल में रहने वाले 9वीं कक्षा के छात्र ने एक गेम बनाया है, जिसे COROBOI के नाम से गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च भी कर दिया गया है। COROBOI को बनाने वाले इस छात्र का नाम बलदीप निंगथोजम है। इस गेम की मदद से लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। COROBOI को एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स गूगल प्ले स्टोर डाउनलोड कर सकते हैं।

Android Game
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गूगल प्ले स्टोर पर ऐप के विवरण के मुताबिक, “कोरोबोई,(COROBOI) भारत के मणिपुर में रहने वाला एक लड़का है जो घर आना चाहता है। लड़का पारंपरिक मणिपुर ड्रेस (Leirum Phee) पहने हुए है, उसके मुंह पर मास्क भी है और वो अपने घर की तरफ दौड़ लगा रहा है। इस दौरान वो रास्ते में प्वॉइंट्स भी कमाता है, लेकिन अगर भागते हुए उसे पुलिस ने पकड़ा लिया तो जुर्माने के तौर पर 5 हजार प्वॉइंट्स  कट जाते हैं।

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बलदीप निंगथोजम ने अपने गेम के बारे में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए बताया की, “मैं हैकर बनना चाहता हूं और AI और अन्य तकनीकों के बारे में सीखना चाहता हूं।”

बलदीप ने बताया की, मेरे अंकल ने मुझे कोविद-19(Covid-19) से संबंधित गेम बनाने के लिए कहा था। मैने जब इस काम को शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। मैने पिछले हफ्ते ही गेम डेवलप्मेंट के काम को  खत्म किया है।  ये मेरे लिए बहुत नया था, इसलिए मैं यूट्यूब पर इसके बारे में देखा करता था और रोजाना 3 से 4 आर्टिकल भी पढ़ता था।

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