The White Widow- Samantha Lewthwaite: लॉकडाउन के दौर में नेटफ्लिक्स(Netflix) ने एक और डॉक्यूमेंट्री-सीरीज़ जारी कर दी है, जिसमें दुनिया के पांच मोस्ट वांटेड लोगों के बारे में दिखाया गया है। इनमें ड्रग्स माफिया, आतंकी और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों से लेकर काफी कुछ और भी हैं। इससे पहले भी नेटफ्लिक्स(Netflix) कई सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर्ण सीरीज़ लांच कर चुका है लेकिन द व्हाइट विडो(The White Widow) नाम पर आधारित ये सीरीज़ बेहद लोकप्रिय हो गई है। यूरोपियन-अफ्रीकन मीडिया में इस सीरीज़ के काफी चर्चे हो रहे हैं और सबसे खास बात इस डॉक्यूमेंट्री के टाइटल में छुपी है। तो इस लेख के ज़रिए हम आपको डिटेल्स में बताते हैं द व्हाइट विडो के बारे में।

समांथा ल्यूथवेट(Samantha Lewthwaite) पर आधारित है सीरीज़ 

The White Widow Terrorist
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द व्हाइट विडो(The White Widow) समांथा ल्यूथवेट(Samantha Lewthwaite) नाम की एक महिला को खिताब दिया गया है जो नॉर्थ आयरलैंड में पैदा हुईं और इंग्लैंड में रहती थीं। माता-पिता के तलाक के बाद आयरिश मूल की समांथा ने इस्लाम धर्म को अपना लिया था। इसके बाद इराक में जारी लड़ाई के दौरान जब लंदन में प्रदर्शन हो रहे थे, तब उसकी मुलाकात जर्मेन लिंडसे से हुई। दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग के चलते कुछ समय बाद ही दोनों ने इस रिश्ते को शादी में तब्दील कर दिया।

आखिर क्यों पड़ा व्हाइट विडो(White Widow) नाम ?

Widow Terrorist
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जर्मेन लिंडसे ने सोमालिया के आतंकी संगठन अल-शबाब से काम करना शुरु कर दिया था। जिसके कुछ वक्त के बाद समांथा भी इस संगठन से जुड़ गईं। लंदन में 2005 में ट्रेन में आतंकी हमला हुआ जो अंडरग्राउंड ट्रेन और एक बस में हुआ था, इनमें कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी। जर्मेन लिंडसे आतंकी हमला करने वाले आतंकियों में शामिल था और आत्मघाती हमले में वह भी मारा गया।

हमले के बाद जब पुलिस ने उनकी घर की जांच के लिए दबिश मारी तो समांथा वहां पहले से मौजूद थीं। जांच के दौरान घर में काफी भड़काऊ सामान मिला और बम बनाने का सामान भी था। क्योंकि समांथा एक अश्वेत ब्रिटिश थीं जिन्होंने इस्लाम धर्म को अपनाया था। आयरिश होने की वजह से उनका रंग काफी गोरा था इसलिए मीडिया में उसका नाम द व्हाइट विडो(The White Widow) पड़ गया।

कहां है व्हाइट विडो और क्या है उसपर इल्जाम ?

White Widow Most Wanted Terrorist
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2012 में मोम्बासा में आतंकी हमला हुआ, जिसमें कई फुटबॉल फैन मारे गए। खुफिया जानकारी के मुताबिक इस हमले की मास्टमाइंड समांथा को बतलाया जाता है। वहीं उसपर केन्या के अपने घर में बम का सामान, हथियार रखने का भी आरोप है। 

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समांथा की तलाश में इंटरपोल समेत केन्या और ब्रिटेन की पुलिस जुटी हुई है, लेकिन अभी तक समांथा कहां हैं इसकी किसी को खबर तक नहीं। 2014 में एक अफवाह के मुताबिक माना जा रहा था कि रूस के एक स्नाइपर शूटर ने उन्हें मार गिराया था, लेकिन इंटेलिजेंस के रिपोर्ट से इसकी पुष्टि नहीं हुई और मालूम चला कि वह अब तक आजाद घूम रही है।

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