Lockdown in India: 1 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए एडवाइजरी के बाद 4 मई से ग्रीन और ऑरेंज इलाकों लॉकडाउन में ढील दे दी गई है। इसी बीच देश के विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुँचाया जा रहा है। इसके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। एक तरफ जहां ट्रेनें चलाकर इन मजदूरों को घर वापस पहुँचाने का काम किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इन ट्रेनों के किराया चुकाने को लेकर जबरदस्त राजनीतिक बहस हो रही है। इन बहसों के बीच मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार की सरकारों ने मजदूरों का रेल किराया चुकाने की घोषणा कर दी है।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मजदूरों के रेल किराया विवाद के बाद कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले छात्रों और मजदूरों का किराया राज्य सरकार देगी। नीतीश ने वीडियो संदेश में कहा कि, केंद्र द्वारा चलाए जा रहे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का स्वागत करते हैं। वे कहते हैं कि हमने पहले ही कहा था कि अगर ट्रेनें चलाई जाती हैं, तो दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की समस्या का निराकरण हो सकता है।

government will pay train fare for labourers
Deccan Herald

मजदूरों से नहीं लिया जाएगा किराया (Bihar MP and Chhattisgarh Government will pay Train fare for Labourers)

वीडियो संदेश के जरिए बिहार के सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बाहर से आने वाले लोग जिस स्टेशन पर आएंगे वहां से उन्हें प्रखंड मुख्यालय तक लाया जाएगा। इसके बाद इन मजदूरों को 21 दिनों तक क्वारेंटाइन किया जाएगा, क्वारेंटाइन सेंटर से निकलने के बाद मजदूरों को खर्च के अलावा 500 रूपए दिए जाएंगे।

मध्य प्रदेश सरकार ने भी ऐलान किया है कि बाहर से आने वाले मजदूरों का किराया सरकार देगी। मध्यप्रदेश सरकार ने रेल मंत्रालय को ये प्रस्ताव भेजा है कि मध्यप्रदेश के मजदूरों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं। साथ ही सरकार ने ये भी कहा है कि ट्रेन में आने वाले मजदूरों का किराया सरकार देगी, लेकिन ट्रेन में सफर करने के लिए मजदूरों को अपना नाम लिखवाना होगा। नाम लिखवाने के लिए एमपी सरकार ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर 0755-2411180 इस नंबर पर फोन कर अपना नाम लिखवा सकते हैं।

मजदूरों का रेल किराया चुकाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि, छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों का रेल किराया छत्तीसगढ़ सरकार चुकाएगी। गौरतलब हो कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी प्रवासी मजदूरों के रेल किराया का खर्च उठाने की घोषणा की है।

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