UP Board: कोरोना वायरस और इस वजह से लॉकडाउन होने का प्रभाव देश के सभी स्कूल कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों पर भी पड़ा है। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए आने वाले दिनों में स्कूल के खुलने की आशा कम ही है। 4 जून तक वैसे भी सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया जा चुका है। लेकिन इस बीच सवाल यह उठता है कि, छात्रों को पढ़ाई में होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे होगी। इस मुश्किल का निदान निकालते हुए अब यूपी बोर्ड ने विशेष रूप से दसवीं और बारहवीं के छात्रों की पढ़ाई के लिए विशेष इंतजाम किये हैं। आइये आपको बताते हैं किस तरह से यूपी सरकार छात्रों के पढ़ाई की व्यवस्था कर रही है।

UP Board – दूरदर्शन के माध्यम से किया जाएगा छात्रों को पढ़ाने का काम

Class 10 And 12 Of UP Board Will Now Be Able To Study On Dordarshan
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, कल 30 अप्रैल से दूरदर्शन पर यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए क्लास देने की व्यवस्था की जायेगी। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक श्री मुकेश सिंह ने बताया कि, कल 30 अप्रैल से दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल पर दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए सुबह दस से बारह बजे तक दो घंटों के लिए क्लास चलाया जाएगा। इस प्रसारण को देख कर छात्र अपने सिलेबस को पूरा करने का काम कर सकते हैं। बता दें कि, इस ख़ास प्रसारण में आधे-आधे घंटे की दो क्लास दसवीं के बच्चों के लिए और आधे-आधे घंटे की दो क्लास बारहवीं के बच्चों के लिए प्रसारित किए जाएंगे। छात्रों को पढ़ाई में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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कंप्यूटर के विषय में यूपी बोर्ड के छात्रों को है कम जानकारी – UP Board

जहाँ आजकल अमूमन हर काम कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से किया जाता है, वहीं इसकी जानकारी यूपी बोर्ड के छात्रों को ना के बराबर है। मिली जानकारी के अनुसार यूपी बोर्ड के गिने चुने छात्र ही कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहे हैं। हाईस्कूल के करीबन तीस लाख से भी ज्यादा छात्रों में केवल 50 हज़ार से भी कम छात्र कंप्यूटर विषय की पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं। वहीं इंटर की बात करें तो 26 लाख छात्रों में से महज 18 हज़ार से भी कम छात्र कंप्यूटर की पढ़ाई में संलिप्त हैं। हालाँकि देखा जाए तो इसमें गलती प्रशासन की भी है। उत्तर प्रदेश के किसी भी राजकीय विधालय में कंप्यूटर पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं है। वाकई में ये बात काफी चौंकाने वाली है, कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है।

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