CBSE New Pattern: सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के छात्रों की क्रिएटिविटी को बढ़ाने के लिए क्वेश्चन पेपर के पैटर्न में बदलाव किया है। इस बदलाव को लेकर बोर्ड का कहना है कि ऐसे बदलाव से छात्रों में विश्लेषण के जरिए सोचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही बोर्ड का यह भी कहना है कि प्रश्नपत्रों को और भी सरल तरीके से पेश किया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि आने वाले समय में छात्र रटी रटाई ज्ञान से दूर रहें और उनके अंदर क्रिएटिविटी थिंकिंग ज्यादा हो इसलिए इस तरह के बदलाव किए गए हैं।

क्या है बदलाव

आपको बता दें कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) लगातार छात्रों के बीच क्रिएटिविटी को बढ़ाने के लिए कोशिश करते आ रही है। इस पर बोर्ड के सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि, इस साल 10वीं क्लास के प्रश्न पत्र पैटर्न में ऑब्जेक्टिव प्रश्न 20 फीसदी होंगी । इसके साथ 10 फीसदी सवाल छात्रों की क्रिएटिविटी थिंकिंग को चेक करने के लिए दिए जाएंगे। बता दें कि नए एजुकेशन पॉलेसी में यह सिफारिश की गई है कि वोकेशनल सब्जेक्ट्स को पांच सब्जेक्ट्स के तहत रखा जाएगा।

आने वाले सालों में 2023 तक छात्रों में क्रिएटिविटी थिंकिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इस मामले में वोट ना करके फैसला किया है कि 2023 से 10वीं और 12वीं के छात्रों में रचनात्मक और तार्किक तरीके से सोचने के आधार पर सवाल पूछे जाएंगे। साथ ही बोर्ड ने यह भी बताया कि बदलाव का प्रयास इसलिए किया गया है ताकि वोकेशनल और मेन सब्जेक्ट्स की अंतर को कम किया जा सके।

क्या कहना है बोर्ड के सेक्रेटरी का

इस मामले में बोर्ड के सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि, ‘देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव समय की जरूरत है।’ ज्ञात हो कि सीबीएसई देश की बड़ी और पुरानी शिक्षा बोर्ड है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को यह गाइडलाइन दे रखा है कि छात्रों को एनसीईआरटी के पैटर्न पर ही पढ़ाया जाना चाहिए। पूरे देश में सीबीएसई के अंतरगत 20299 स्कूलें है।

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