Coronavirus Crisis: कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु लॉकडाउन घोषित है, लेकिन इसका सबसे व्यापक असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। चरमराते अर्थव्य़वस्था को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा फैसला आया है, जिसमें कहा गया है कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों के दैनिक भत्ते पर अगले साल यानि जुलाई 2021 तक रोक लगा दी गई है।

केंद्रीय कर्मचारियों के DA पर लगी रोक (Coronavirus Crisis Finance Ministry Freezes Increment on DA)

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा एक आदेश जारी किया गया। इस आदेश के मुताबिक ये कहा गया है कि 1 जनवरी 2020 से केंद्रीय कर्मचारियों का दैनिक भत्ता (डीए) नहीं दिया जाएगा और यह जुलाई 2021 तक जारी रहेगा। यानी 1 साल से भी अधिक तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों को डीए नहीं मिलेगा। यही नहीं, जनवरी 2020 से जो अतिरिक्त डीए मिलने वाला था, उसे भी रोक दिया गया है।

फिलहाल 1 जुलाई 2021 तक डीए पर रोक लगा दी गई है। इसके आगे कर्मचारियों और पेंशनधारियों को कब डीए दिया जाएगा? इसका निर्णय 1 जुलाई 2021 के बाद ही किया जाएगा।

राफेल डील पर भी पड़ा गहरा असर

इस वक्त कोरोना संकट ने देश के आर्थिक हालात को पस्त कर दिए हैं। इस वजह से केंद्र सरकार ने अनेक प्रकार की योजनाओं का लाभ देना भी बंद कर दिया है। कर्मचारियों के डीए बंद होने से पहले रक्षा मंत्रालय की तरफ से रक्षा बजट में भी भारी कटौती की गई है। देश की रक्षा के अंतर्गत नए नए परियोजनाओं को फिलहाल रोका गया है। बता दें कि इस फैसले का असर राफेल सौदे और एस-400 मिसाइल सिस्टम सौदे पर भी पड़ेगा।

कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सांसद और तमाम मंत्रियों के तनख्वाह में से तीस फीसदी तक की कटौती का ऐलान कुछ दिनों पहले ही किया गया था। साथ ही सांसद निधि फंड को भी अगले दो साल तक के लिए रद्द कर दिया गया है।

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए देश में अभी 3 मई तक लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था बंद है, चूंकि फिलहाल देश में सभी प्रकार के आर्थिक गतिविधियों पर ताला लगा हुआ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तालाबंदी का असर धीरे धीरे देश की जीडीपी पर भी दिखने लगा है।

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