Coronavirus Scare: कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पी एम नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन के लॉकडाउन के बाद आम आदमी घरों में क़ैद है और बीमारी से बचने के लिए सैनिटाइजर, मास्क आदि का प्रयोग भी कर रहे हैं। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग या सामाजिक मतभेद जैसे कदमों को भी बीमारी की रोक थाम के लिए उठाया जा रहा है। इस दौरान मध्यप्रदेश के गांव में अनोखी चीज देखने को नजर आई। गांव के किसान अपने मवेशियों को इस वायरस से बचाने के लिए मास्क पहना रहे हैं। आइये आपको विस्तार से बताते हैं इस खबर के बारे में।

मवेशियों को वायरस के डर से पहनाएं गए मास्क

coronavirus scare people have started put mask on cattle in village
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इन अपनाए जा रहे विभिन्न तरीकों के दौरान मध्यप्रदेश के सीहोर जिले से एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। आपको बता दें कि, कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए इस गांव के लोगों ने मवेशियों जैसे कि, गाय, बैल, भैंस आदि को गांव में ही बने मास्क पहनाने शुरू कर दिए हैं। सीहोर जिले के चंदेरी गांव के लोगों ने ये कदम इसलिए उठाया है, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण को मवेशियों द्वारा इंसानों तथा गांव में फैलने से रोका जा सके। साथ ही जानवरों को भी कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के प्रकोप से बचाया जा सके।

खेतों में गाय,भैंस को ले जाने से पहले उन्हें पहनाएं जा रहे हैं मास्क

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, गांव के लोग खेतों में जाने से पहले बैलों व अन्य मवेशियों को मास्क पहना कर ही खेत ले जाते हैं जिससे कि मवेशियों के वापस आने पर किसी प्रकार का कोई इन्फेक्शन गांव और गांव के लोगों तक न पहुंचे। इस संबंध में गांव के किसान हरि सिंह कहते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हमें ये कदम उठाने पड़े हैं। गांव के बाहर मवेशी सड़क व खेतों में पड़ी ख़राब चीज़ें में मुँह लगाते हैं, जो कि कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकती है। जानवरों से यह बीमारी घरों तक न पहुंचे इसकी रोकथाम करने के लिए बैलों को मास्क पहनाये गए हैं। यह प्रक्रिया गांव से खेत और खेत से गांव आते वक्त अपनायी जाती है।

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किसानों के इस कदम को काफी सराहा जा रहा है

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इस अनोखे कदम की एक और खास बात ये भी है कि मवेशियों को पहनाये जाने वाले मास्क चूंकि साइज़ में बड़े होते हैं इसलिए गांव के लोग इन मास्क को खुद अपने हाथों से बनाते हैं। बहरहाल हम कह सकते हैं कि, शहर में रहने वाले नागरिकों की तुलना में गांव के इन किसानों में ज्यादा अक्ल है जो कोरोना जैसी इस खतरनाक बीमारी की गंभीरता को समझते हैं और इससे बचने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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