Everything to Know About Locust Swarms: साल 2020 किसी भी सूरत में देशवासियों के लिए अच्छा नहीं बीत रहा है। एक तरफ जहाँ लोग कोरोना वायरस से परेशान हैं वहीं अब एक और मुसीबत भी खड़ी हो गई है। ये नई मुसीबत है पाकिस्तान से आए टिड्डी। देश भर के विभिन्न राज्यों में इन टिड्डियों ने मानो आतंक मचा रखा हो। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में टिड्डी ने कोहराम मचा रखा है। अब मुसीबत तो आ गई है लेकिन इससे कैसे निपटे ये जानना बेहद जरूरी है। यहाँ हम आपको टिड्डियों से जुड़ी ख़ास तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं इस मुसीबत से कैसे निपटा जाए।

26 सालों के बाद भारत पर टूटा टिड्डी का कहर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भारत पर टिड्डियों का ये कहर करीबन 26 सालों के बाद टूटा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार टिड्डियों का कहर भारत में मानसून के आने तक चल सकता है। ऐसे में विशेष रूप से लोगों को सावधानी बरतने की जरुरत है। विभिन्न राज्यों में टिड्डियों के आतंक के वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान विशेष रूप से अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। बता दें कि, टिड्डियों के दल ने सबसे ज्यादा किसानों और माध्यम वर्गीय परिवारों को परेशान किया हुआ है। टिड्डियों की वजह से जहाँ तक तरफ किसान अपने खेतों में नहीं जा पा रहे हैं वहीं राह चलते लोगों को भी इससे काफी परेशानी हो रही है।

टिड्डियों से जुड़े इन तथ्यों को जरूर जान लें (Everything to Know About Locust Swarms)

Know About Locust Swarm
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सबसे पहले आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भारत के अलग-अलग राज्यों में टिड्डी के दलों ने जो आतंक मचाया है उसे रेगिस्तानी टिड्डे कहते हैं। इन टिड्डों ने भारत में पाकिस्तान के बलूचिस्तान के रेगिस्तान के माध्यम से एंटर किया है। बता दें कि, साइज में बेहद छोटे नजर आने वाले ये टिड्डे खासतौर से दुनिया के बेहद खतरनाक इन्सेक्ट की श्रेणी में आते हैं। हालाँकि ये टिड्डे एक बार जन्म लेने के बाद सिर्फ तीन से चार महीने तक ही जिन्दा रह सकते हैं। टिड्डी से जुड़ी इन तथ्यों पर भी गौर फरमाएं।

बता दें कि, यदि इन टिड्डी को समय रहते खत्म नहीं किया गया तो भारत के लोगों के सामने अनाजों की कमी हो जायेगी। इसकी मुख्य वजह ये होगी ये टिड्डियाँ खेतों से हरी सब्जियां और अनाजों को नष्ट कर देती है। बहरहाल इससे दुनिया के सामने अनाजों की कमी हो सकती है।
जानकारी हो कि, ये टिड्डियाँ विशेष रूप से अपना झुण्ड बनाकर चलते हैं। इनकी संख्या काफी तेजी से बढ़ती है और एक झुण्ड में करीबन 15 लाख टिड्डी हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के एक रिपोर्ट के अनुसार एक टिड्डियों का झुण्ड एक बार में करीबन 35 हज़ार से भी ज्यादा लोगों का अनाज खत्म कर सकती है। इस बात की पुष्टि भारत के खाद्य एवं कृषि संगठन ने भी की है।

45 डिग्री टेम्परेचर की गर्मी में भी ये टिड्डियाँ जिंदा रह सकती हैं, इस संबंध में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि, इन कीटों ने ग्लोबल वार्मिंग के अनुसार अपने आप में बदलाव कर लिए हैं।

कृषि मंत्रालय की माने तो इन टिड्डियों को कीटनाशकों के उपयोग से खत्म किया जा सकता है। या फिर खेतों से इन्हें भगाने के लिए तेज आवाज का प्रयोग भी किया जा सकता है। बता दें कि, देश भर में जिन जगहों पर इन टिड्डियों ने कोहराम मचाया है वहां पर ड्रोन की सहायता से कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा हैं।

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