Gotmar Mela 2020: एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। वहीं इसी बीच मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल यहां पर कोरोना महामारी के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए पहले तो कई सालों से मनाए जाने वाले गोटमार मेले(Gotmar Mela) का आयोजन किया गया, उसके बाद इस मेले में पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए। दरअसल इस मेले की प्रथा है कि इसमें दो गांव के लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं।

मेले की प्रथा अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई। छिंदवाड़ा के पांढुर्ना इलाके में आयोजित हुए इस मेले में हुई पत्थरबाजी में कुल 110 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। इसके अलावा मेले से जुड़ा एक वीडियो भी काफी तेजी से सोशल मीडिया(Social Media) पर वायरल हो रहा है। जिसमें साफ दिख रहा है कि यहां के लोगों को कोरोना वायरस का बिल्कुल भी खौफ नहीं है।

धारा 144 लागू होने के बावजूद नदी के किनारे और पुल पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी आसानी से देखी जा सकती है। और तो और लोगों ने जहां कोरोना महामारी के नियमों का जमकर उल्लंघन किया, तो वहीं लोगों को खुद अपनी जान की परवाह नहीं है, क्योंकि मेले(Gotmar Mela) के दौरान ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मास्क ही नहीं दिख रहा है।

Gotmar Mela: पुलिस की तैनाती के बावजूद कोई एक्शन नहीं

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इस मेले के आयोजन को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस मेले के आयोजन को लेकर कानून व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिसमें दो अतिरिक्त एसपी, सात एसडीओपी, 10 पुलिस इंचार्ज और 30 एसआई समेत 50 एएसआई की तैनाती की गई थी। हालांकि इसके बावजूद पुलिस की ओर से किसी तरह का एक्शन नहीं लिया गया और यहां कोरोना महामारी का जमकर उल्लंघन किया गया, साथ ही पत्थरबाजी में 110 लोग घायल भी हुए।

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