पिछले दिनों देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दमयंती बेन के साथ हुई छापामारी के मामले में पुलिस ने मोबाइल और पर्स छीनने वाले दोनों स्नैचर्स को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बताया है कि छापेमारी की इस घटना में नोनू नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जिसके पास से मोदी की भतीजी का सारा सामान भी बरामद कर लिया गया है।

आरोपी नोनू को पुलिस ने सोनीपत के बड़वानी गांव से गिरफ्तार किया है। खबर है कि वारदात के बाद जब दिल्ली में आरोपियों के ठिकाने पर पुलिस द्वारा रेड शुरू की गई। तो यह आरोपी पुलिस को देखकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस की टीम ने इसका पीछा किया और सोनीपत से इसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि सीसीटीवी के जरिए ही आरोपियों की पहचान कर ली गई थी। जिसके बाद से उनके ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी थी। लेकिन जैसे ही पुलिस के बारे में उन्हें जानकारी मिली। वह अपने ठिकानों से फरार हो गए। लेकिन आख़िरकार पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर ही लिया। पहला आरोपी गौरव सुल्तानपुरी का रहने वाला है। जिसे पुलिस ने सोनीपत से उसके रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार किया। वहीं पुलिस ने दूसरे आरोपी बादल को सदर बाजार से गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि मोदी की भतीजी से झपट मारी शनिवार सुबह उत्तरी दिल्ली के पॉश इलाके से हुई थी। यह दोनों झपटमार स्कूटी पर सवार थें। झपटमारी के बाद मोदी की भतीजी ने बताया था कि झपटमार उनसे मोबाइल, पर्स और कुछ नगद भी छीन कर फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक यह घटना सुबह 7:00 बजे की है। जब दमयंती बेन मोदी ऑटो से उतरने लगी तो दो स्कूटी सवार बदमाशों ने उनपर झपट्टा मार दिया।

दमयंती ने बताया कि वह परिवार के साथ अमृतसर से दिल्ली लौटी थी। उन्हें सिविल लाइंस इलाके में स्थित गुजराती समाज भवन जाना था। इस दौरान जैसे ही उनका ऑटो भवन के गेट के सामने जाकर रुका, स्कूटी पर सवार दो बदमाशों ने उन पर झपट्टा मारा और पर्स लेकर फरार हो गए।

पर्स में थें 56 हजार रुपए और मोबाइल

दमयंती बेन ने पुलिस में जो रिपोर्ट लिखवाया है। उसके मुताबिक उनके पर्स में करीब 56 हजार रुपए, दो मोबाइल और कई सारे अहम दस्तावेज थें। उन्होंने बताया कि उन्हें शनिवार को अहमदाबाद की फ्लाइट पकड़नी थी। लेकिन उनके सारे जरूरी दस्तावेज गायब हो गए थे। बता दें कि जिस इलाके में प्रधानमंत्री के परिवार की सदस्य के साथ दिनदहाड़े यह सनसनीखेज घटना घटित हुई, वहीं दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल का भी आवास है। चंद कदम पर ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का निवास है। पास ही दिल्ली विधानसभा भी स्थित है।

24 घंटे और 700 पुलिसकर्मी, जनता ने पूछा हमारा नंबर कब आएगा

जिस तरीके से दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। उसे देखते हुए मामले में वीवीआईपी ट्रीटमेंट साफ नजर आ रही है। महज 24 घंटे में एक सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के इस काम के बाद उनकी सराहना कम और सोशल मीडिया पर खिंचाई ज्यादा हो रही है। आम जनता पुलिस के ऊपर आरोप लगा रही है कि आम जनता के साथ पुलिस का यह रवैया क्यों नहीं नजर आता। पिछले दिनों सीपी के आसपास गन पॉइंट पर एक कपल के साथ लूट को अंजाम दिया गया था। कपल के द्वारा ट्वीट करके दिल्ली पुलिस से पूछा गया है कि हमारे साथ घटित इस घटना को 24 दिन से ज्यादा हो गए। लेकिन पुलिस को अब तक इस मामले में कोई सुराग नहीं मिला है। जबकि मोदी की भतीजी से छीनतई करने वाले स्नैचर्स को पुलिस ने महज 24 घंटे में ही पकड़ लिया।

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