Liv 52 Ke Fayde: एक ब्रांड है जो कई आयुर्वेदिक दवाईयों को बनाता है और साल 1930 में बनी इस कंपनी को M Manal ने बनाई थी। इनका लक्ष्य ये था कि वे मार्केट में हथकड़ी सीन हर्बल मेडिसिन गाइड करवाएंगे और फिर उसी दौरान Liv का नाम सामने आया। इसका पूरा नाम Liv 52 है जो एक जानी-मानी आयुर्वेदिक दवाई है। ये दवा लिवर की बीमारियों को दूर करने में फायदा करती हैं और जहरीले पदार्थ को दूर करके पेट की रक्षा करते हैं। इसमें मुख्य रूप से हिम्सरा, कासनी, मन्दुर और अर्जुना का उपोयग किया जाता है।

Liv 52 सीरप और टैबलेट दोनों में उपलब्ध है और लिव 52 में प्रमुख जड़ी बूटियों का प्रयोग किया गया है। इसमें जितनी भी सामग्री मिली होती है ये आपके शरीर को अंदर से साफ कर देती है। लिवर हमारे शरीर में महत्वपूर्ण अंगों में एक है और इसके कारण ही पाचन तंत्र की प्रक्रिया शुरु होती है। लिवर से निकलने वाली जूस हमारे भोजन को अच्छी तरह से पचाने में मदद करती है और अगर लिवर में किसी तरह का संक्रमण उत्पन्न हो जाए या लिवर कमजोर हो जाए तो लिव 52 सीरप या टैबलेट जरूर खाएं।

Liv 52 के फायदे क्या होते हैं ? [Liv 52 Ke Fayde]

Liv 52 Ke Fayde

1. लिव 52 शरीर की ताकत को बढ़ाता है और लिवर की कमजोरी दूर करने में भी मदद करता है। इससे हम ज्यादा से ज्यादा टोक्सिन अपनी बॉडी से बाहर निकाल सकते हैं।

2. लिवर की नई कोशिकाएं इस दवा के सेवन से बन सकती हैं। हमें सेल्यूलर ग्रौथ में मदद करता है और इससे हम ज्यादा से ज्यादा कोशिकाएं बना सकते हैं।

3. कुछ लोगों को वजन बढ़ाना होता है और वजन बढाने के लिए लिव 52 का इस्तेमाल करें। इसके सेवन से भूख बढ़ने लगती है। जिससे की हम ज्यादा खाना खा सके और स्वस्थ रह सकें।

4. अगर आप ज्यादा खाना खाएंगे तो हर रोज की कैलोरी इनटेक बढ़ जाएगी। जिससे हमारा वजन बढ़ने लगता है। इसके लिए इस दवा का सेवन करना सही रहता है।

5. शरीर में हिमोग्लोबिन के स्तर को ठीक करने में मदद होती है और जिन लोगों को खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है उन्हें भी लिव 52 का सेवन करना चाहिए। जिससे कि उनका हिमोग्लोबिन लेवल ठीक हो सकता है।

6. शराब का अत्यधिक सेवन लिवर डैमेज का कारण बनता है। जो लोग ज्यादा शराब पीते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि शराब पीने से हमारे शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ने लगती है और जो हमारे लिवर के लिए बहुत ही खतरनाक होता है। लिव 52 दवा से हमारे लिवर से ज्यादा से ज्यादा टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

7. फैटी लीवर ठीक करने में लिव 52 काफी मदद करता है और इसके निरंतर सेवन से कोलेस्ट्रोल भी कम हो जाता है।

लिव 52 का इस्तेमाल कैसे होता है ? (Use of Liv52)

आमतौर पर लिव 52 को 1 सुबह और 1 शाम को लेनी होती है लेकिन अगर किसी को लिवर की ज्यादा प्रोबलम हो तो 2-2 सुबह शाम लेने की सलाह दी जाती है। अब जैसा रोग है वैसे ही डोज बढ़ा लेनी चाहिए लेकिन इससे पहले आपको डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए। यह एक आयर्वेदिक दवाई है और अभी तक इस दवा के साइड इफैक्ट्स सुनने को नहीं मिले हैं। भारत में ये शुगर कोटेड टेबलेट के तौर पर मलिती है और ये दवाई भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में मिलती है।

किन रोगों में लेते हैं लिव 52? (Uses of Liv52)

Liv 52 Ke Fayde
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  • लिवर का रोग- लिवर के सभी बीमारियों में हिमालया लिव 52 सिरप का इस्तेमाल डॉक्टरों के परामर्श से ही होता है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हिमालया लिव 52 सिरप सबसे  बेहतर आयुर्वेदिक मेडिसिन है।
  • हेपेटाइटिस- हेपेटाइटिस के एक से ज्यादा प्रकार होते हैं। हेपेटाइटिस के कारण लीवर में संक्रमण होता है जिसके कारण हमारा लीवर कमजोर होने लगता है। हेपेटाइटिस के बीमारियों में भी डॉक्टरों के द्वारा हिमालया लिव 52 सिरप का उपयोग करते हैं।
  • भूख ना लगना- लिवर में संक्रमण उत्पन्न होने के कारण ही भूख नहीं लगती है। अगर लीवर संक्रमण मुक्त होगा तो भूख अपने-आप लगने लगेगी और आपकी समस्या भी दूर हो जाएगी।
  • एनीमिया- अगर आपके शरीर में खून की कमी हो गई है तो वो ज्यादा दिनों तक बरकरार रहता है तो एनीमिया दूर करने के लिए भी हिमालया लिव 52 सिरप का इस्तेमाल होता है।
  • पीलिया या ज्वाइंडिस- पीलिया को अंग्रेजी में ज्वाइंडिस कहते हैं। पीलिया सीधे तौर पर हमारे लीवर को संक्रमित करता और इसे कमजोर बना देता है। पीलिया में भी लिव 52 सिरप का इस्तेमाल डॉक्टर के द्वारा ही किया जाता है बस आपको एक बार परामर्श ले लेना चाहिए।
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