Nabhi ka Khisakna in Hindi: कई बार काम करते-करते, भारी सामान उठाते वक्त आपके पेट में अक्सर मीठा-मीठा दर्द होने लगता है। अक्सर लोग इस दर्द को सामान्य दर्द समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। धीरे-धीरे ये सामान्य सा दर्द तेज़ होने लगता है और फिर आपको दस्त और बुखार हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भारी सामान उठाने या ज्यादा उछल-कूद भागदौड़ करने से आपकी नाभि खिसक जाती है। और आपको इन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

क्या है नाभि खिसकना

नाभि खिसकने पर अक्सर पीड़ित व्यक्ति के पेट में दर्द या दस्त की समस्या हो जाती है। नाभि खिसकने का उल्लेख प्राचीन समय से है। आमतौर पर इसका उल्लेख आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा प्रणाली में विस्तार से मिलता है। आयुर्वेद में लिखा है कि जिस तरह रीढ़ की हड्डी में चोट लगने पर उसमें टेढ़ा पन आ जाता है, ठीक उसी प्रकार नाभि खिसकने पर भी पेट में पाचन तंत्र का कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। साथ ही महिलाओं में अक्सर नाभि के खिसकने पर उन्हें पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग का सामना भी कर पड़ता है। वैसे तो नाभि खिसकने का कोई सटीक उपचार नहीं है, लेकिन भारतीय आयुर्वेद में कुछ योगासन द्वारा नाभि अपनी जगह पर वापस लाई जा सकती है। इसी के साथ कई घरेलू उपचार के ज़रिए भी आप इससे छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं-

नाभि खिसकने के कारण (Nabhi ka Khisakna ka Karan)

Nabhi ka Khisakna ka Karan
prabhasakshi
  1. भारी सामान उठाना – नाभि खिसकने का सबसे ज्यादा और आम कारण भारी सामान उठाना है। ज्यादा भारी सामान उठाने के कारण व्यक्ति की नाड़ी की नस पर सीधा खिंचाव पड़ता है जिसकी वजह से नाभि खिसक जाती है।
  2. ऊंची जगह से कूदना– काफी ऊंची जगह से छलांग लगाने से भी नाभि खिसक जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि जब आप ऊंचाई से नीचे की ओर जाते हैं तो आपके शरीर और हवा का सारा दवाब आपके नाभि के पास पड़ता है जिस कारण ये समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  3. तेज दौड़ना – अक्सर तेज़ दौड़ने पर आपके पेट के साइड में दर्द होता होगा। ये नाभि खिसकने की वजह से होने वाला दर्द होता है।
  4. अचानक झुकना– अचानक से झुकने पर भी दबाव नाड़ी पर पड़ता है और नाभि खिसकने के चांस बन जाते हैं।
  5. मानसिक तनाव – आपने अक्सर महसूस किया होगा कि जब आपके साथ कुछ घटना घटित होती है या आप टेंशन में होते हैं तो आपका पेट गुम होने लगता है। आपके घबराहट होती है। ऐसा अक्सर नाभि खिसकने का कारण बन सकता है।
  6. गलत योगासन कर लेना – कभी-कभी आप गलत एक्सर्साइज़ या गलत योगासन कर लेते हैं जिससे नाभि अपनी जगह से खिसक जाती है।

नाभि खिसकने के लक्षण

  1. पेट में दर्द रहना
  2. दस्त होना
  3. शरीर में कमजोरी आना
  4. पीरियड्स का अनियमित होना
  5. बुखार होना

नाभि खिसकने का उपचार

  1. नाभि खिसकने की समस्या को ठीक करने के लिए आप एक सख्त जगह पर लेट जाएं और नाभि के खिसकने का परीक्षण करें. फिर हाथ या पैर के प्रेशर प्वाइंट्स को दबाएं और उनकी मसाज करके नाभि को ठीक करें। ध्यान रहें कि आप ये सिर्फ किसी अनुभवी व्यक्ति की देखरेख में ही करवाएं।
  2. नाभि को योगासान के ज़रिए भी ठीक किया जा सकता है।
  3. इसके लिए नौकासान, भुजंगासान, धनुरासान, मकरासान आदि बेहद फायदेमंद हैं।
  4. आप अपनी नाभि के स्थान पर किसी बोतल या मजबूत चीज से पेट को घुमाने से भी नाभि को उसके स्थान पर ला सकते हैं।
    एक बार फिर बता दें कि ये उपाय हमेशा किसी अनुभवी की देखरेख में ही करवाएं।
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