Benefits of Tilak: हिन्दू धर्म में विशेष रूप से किसी भी शुभ अवसर पर नए काम की शुरुआत करने से पहले तिलक लगाना अनिवार्य माना जाता है। लेकिन क्या अपने कभी सोचा है तिलक लगाने का क्या महत्व हैं और इससे क्या लाभ होते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको विशेष रूप से तिलक(Benefits of Tilak) लगाने के महत्व और इसके विभिन्न लाभों के बारे में बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं तिलक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स के बारे में।

तिलक लगाने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

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सबसे पहले तिलक लगाने के धार्मिक महत्व की बात करें तो हिन्दू धर्म में सिर, कंठ, ह्रदय, दोनों भुजा, ललाट, पीठ और नाभि आदि पर तिलक लगाने का विधान है। वेब दुनिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सिर पर जहाँ तिलक लगाया जाता है वहां आत्मा यानि कि, हम खुद वास करते हैं। इसके अलावा दोनों भौहों के बीच तिलक(Benefits of Tilak) लगाने की जगह हमारे चिंतन और मनन से जुड़ा है। इस जगह पर तिलक लगाने से व्यक्ति ऊर्जावान बनता है और चिंता एवं तनावमुक्त रहता है। तिलक लगाने के वैज्ञानिक महत्व की बात करें तो ललाट पर तिलक लगाने से दिमाग को शांति मिलती है और मस्तिष्क ठंडा रहता है। ललाट पर तिलक लगाने(Benefits of Tilak) से दो प्रकार के रसायनों का स्त्राव होता है। ये दो रसायन हैं बीटाएंडोरफिन और सेराटोनिन इन दोनों की कमी होने से व्यक्ति के मन में उदासीनता और निराशा का भाव पनपने लगता है।

तिलक लगाने के इन लाभों को जरूर जान लें (Benefits of Tilak)

तिलक लगाने के लिए विभिन्न उँगलियों के प्रयोग से होने वाला लाभ

Applying Benefits of Tilak
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तिलक लगाने के लिए अनामिका ऊँगली का प्रयोग यदि आप करते हैं तो इससे मस्तिष्क को शांति मिलती है। इसके साथ ही यदि आप तिलक के लिए मध्यमा ऊँगली का इस्तेमाल करते हैं तो इससे व्यक्ति की आयु बढ़ती है। इसी प्रकार अंगूठे से तिलक लगाना पुष्टिदायक माना जाता है और तर्जनी ऊँगली से तिलक लगाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म के अनुसार देव कार्यों के लिए अनामिका ऊँगली, पितृ कार्यों के लिए मध्यमा और ऋषि कार्यों के लिए कनिष्ठिका और तांत्रिक कार्यों के लिए प्रथम ऊँगली के प्रयोग से तिलक लगाना चाहिए।

हर देवता के लिए अलग तिलक का इस्तेमाल क्यों किया जाता है
आपको जानकर भले ही आश्चर्य हो लेकिन सभी देवताओं के लिए पूजा के दौरान अलग तिलक के इस्तेमाल करने का प्रावधान है। विष्णु जी की पूजा के लिए पीला चंदन, गणेश पूजा में हरिद्रा चंदन, पितृ कार्यों में रक्त चंदन, शिव जी की पूजा में भस्म, लक्ष्मी पूजन में केसर, ऋषि पूजन में श्वेत चंदन और मानव पूजन में केसर तिलक(Kesar Tilak) का प्रयोग किया जाता है। इससे देवता प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को मनचाहा लाभ मिलता है।

चंदन तिलक लगाने के लाभ

Benefits of Chandan Tilak
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हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंदन का तिलक लगाने से सभी पापों का नाश होता है। चंदन का तिलक व्यक्तियों को विभिन्न मुसीबतों से बचाता है और ऐसे लोगों पर लक्ष्मी माता की कृपा हमेशा बनी रहती है। बता दें कि, चंदन का तिलक लगाने से व्यक्ति में ताजगी आती है और क्रियाशीलता भी बढ़ती है।

मिट्टी का तिलक लगाने के लाभ

Mitti Tilak Benefits
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जानकारी हो कि, मिट्टी का तिलक लगाने से बुद्धि में वृद्धि होती है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

कुमकुम का तिलक लगाने का लाभ

Kumkumm Tilak Benefits
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कुमकुम का तिलक लगाने से विशेष रूप से व्यक्ति में तेज आता है। आमतौर पर लोग कुमकुम के तिलक का ही उपयोग करते हैं।

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केसर तिलक लगाने का लाभ

Kesar Tilak Benefits
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बता दें कि, केसर का तिलक लगाने से व्यक्ति में सात्विक गुणों वृद्धि होने के साथ ही सदाचार की भावना भी बढ़ती है। केसर का तिलक लगाने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और भाग्य में वृद्धि होती है।

इसी प्रकार से दही, हल्दी और इत्र आदि के तिलक लगाने से विभिन्न लाभ होते हैं।

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