Arvind Kejriwal: पूरे भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या ढाई लाख पार चुकी है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ ये आंकड़ा बढ़कर 28 हज़ार तक पहुंच चुका है। दिल्ली की मौजूदा हालत हर राज्य से ज्यादा विकट है। यहाँ पिछले 24 घण्टों में करीबन 1400 नए मामले आए हैं। सूत्रों की माने तो एक जून के बाद से दिल्ली में कोरोना के हर दिन नए मामले आ रहे हैं। अब इसी बीच ये खबर भी आ रही है कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबियत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि, उनमें कोरोना वायरस के कुछ लक्षण पाए गए हैं। आइये विस्तार से जानते हैं इस मामले के बारे में।

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) में दिखें कोरोना के लक्षण

बता दें कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल की कल शाम से तबियत बिगड़ गई है। जानकारी हो कि,उन्हें कल शाम से ही गले में ख़राश और हल्के बुखार की शिकायत है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ये दोनों ही लक्षण कोरोना वायरस के भी हैं। कल अचानक तबियत बिगड़ने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल ने अपनी सारी मीटिंग कैंसिल की और लोगों से मिलना भी बंद कर दिया है। उनके करीबी की माने तो मुख्यमंत्री ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। जब तक उनका कोरोना टेस्ट नहीं हो जाता तब तक वो परिवार के सदस्यों से भी नहीं मिल रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले बेहद डरावने हैं। केवल दिल्ली में दो सौ से ज्यादा कन्टेनमेंट ज़ोन हैं और अब तक सात सौ से ज्यादा लोगों की इस वायरस से मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़ें

Arvind Kejriwal not feeling well
Image Source – PTI

दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों का इलाज

बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में एक तरह से सभी अस्पतालों का बंटवारा कर दिया है। बता दें कि, दिल्ली सरकार के आदेशानुसार दिल्ली के अस्पतालों में अब केवल दिल्ली वालों का ही इलाज किया जाएगा। बाहर राज्यों से आने वाले मरीजों का इलाज केवल केंद्र सरकार के अंदर आने वाले अस्पतालों में ही संभव हो पायेगा। गौरतलब है कि, दिल्ली सरकार का ये फैसला सभी प्राइवेट हॉस्पिटल पर भी लागू होते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया था कि, उन्होनें ये फैसला दिल्ली वालों की मर्जी से लिया है। हालाँकि उन्हें यह सुझाव डॉक्टर महेश वर्मा की कमेटी ने दिया था। इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री का ऐसा कहना है कि, दिल्ली की जनता ने भी उनके इस फैसले पर मुहर लगा दी है। बहरहाल अब दिल्ली के हॉस्पिटल में केवल दिल्ली वालों का ही इलाज किया जाएगा। इससे अन्य राज्यों के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

News Source – ANI

Facebook Comments