Bihar Board Result: कोरोना वायरस की वजह से भले ही अभी देश भर के स्कूल कॉलेज बंद हों लेकिन इसी बीच बिहार बोर्ड ने दसवीं कक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। बिहार बोर्ड ने दसवीं के बोर्ड परीक्षा में शरीक हुए करीबन 15 लाख स्टूडेंट का रिजल्ट जारी किया है। इस बार दसवीं के रिजल्ट में खास बात यह है कि, इस बार किसी छात्रा ने नहीं बल्कि एक छात्र ने टॉप किया है। हिमांशु राज नाम के इस स्टूडेंट को दसवीं में 96.20 % अंक आए हैं। यहाँ हम आपको खासतौर से हिमांशु राज की पढ़ाई की रणनीति और टॉप टेन लिस्ट में शामिल अन्य छात्रों के बारे में बताने जा रहे हैं।

इतने ज्यादा अंक लाने में कैसे कामयाब हुए हिमांशु (Class 10 Bihar Board Topper Himanshu Raj)

class 10 bihar board topper-himanshu raj
Jagran

बता दें कि, रोहतास के जनता हाई स्कूल से पढ़ाई करने वाले हिमांशु राज स्कूल के बाद घर पर भी 14 घंटे पढ़ाई करते थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, रिजल्ट निकलने के बाद हिमांशु को मालूम ही नहीं था कि, उन्होनें बिहार बोर्ड टॉप किया है। इसकी जानकारी उन्हें एक न्यूज़ चैनल पर प्रसारित खबर से मिली। इस बारे में जब हिमांशु से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि, उन्हें कहीं ना कहीं ये उम्मीद जरूर थी कि वो टॉप टेन की लिस्ट में जरूर आएंगे। अपनी पढ़ाई के बारे में बताते हुए हिमांशु ने बताया कि, उन्होनें सिर्फ एक ही कोचिंग क्लास ज्वाइन की थी और इसके अलावा उनके पापा भी उन्हें घर पे पढ़ाते थे। हिमांशु राज के साथ ही दूसरे नंबर पर रहें दुर्गेश कुमार जिन्हें 480 अंक प्राप्त हुए और इसके बाद तीसरे नंबर पर रहें शुभम कुमार जिन्हें 478 अंक मिले।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं हिमांशु

दसवीं की परीक्षा के बाद छात्रों की सबसे बड़ी मुश्किल यह होती है कि, अब आगे क्या करें कौन सा विषय लें। इस बारे में जब हिमांशु से पूछा गया तो उन्होनें बताया कि, ग्यारहवीं और बारहवीं में वो साइंस पढ़ना चाहते हैं और आगे जाकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। आपको बता दें कि, इस साल बिहार बोर्ड के उन स्कूलों से टॉप टेन की लिस्ट में एक भी छात्र नहीं आ पाए जो हर साल आते थे। हर साल सिमुलतला आवासीय स्कूल के छात्र इस लिस्ट में जरूर आते थे लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो पाया।

बिहार बोर्ड के दसवीं की परीक्षा इस साल 17 से 24 फ़रवरी के बीच हुई थी। दसवीं का रिजल्ट हर साल मार्च के अंत तक आ जाया करता था लेकिन इस साल कोरोना वायरस की वजह से समय पर कॉपी की चेकिंग नहीं हो पाई। इसके वाबजूद भी देश के अन्य राज्यों की तुलना में इस बार बिहार बोर्ड ने सबसे पहले दसवीं और बारहवीं के रिजल्ट की घोषणा की है।

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