Atlas Cycle Shut Down: दुनिया भर के लोग जहाँ एक तरफ अच्छी सेहत के लिए साइकिल चलाने को प्रमोट कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ भारतीय साइकिल निर्माता कंपनी एटलस ने अपनी फैक्ट्री बंद कर दी है। एटलस फैक्ट्री बंद होने की वजह से यहाँ काम करने वाले हज़ारों कर्मचारी भी अचानक बेरोजगार हो गए हैं। जबकि भारत में एटलस सबसे ज्यादा मशहूर ब्रांड है और इस कंपनी की साइकिल सबसे ज्यादा लोग खरीदते भी हैं, ऐसे में इसका बंद हो जाना ग्राहकों के लिए भी नुकसानदेह होगा। आइये जानते हैं आखिर किस वजह से बंद हुई ये कंपनी और किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यहाँ काम करने वाले मज़दूरों और कर्मचारियों को।

क्यों बंद करनी पड़ी एटलस कंपनी को ? (Reason For Atlas Cycle Shut Down)

reason For Atlas Cycle Shutdown
BW People

सूत्रों की माने तो एटलस कंपनी बीते 2 महीने से बंद पड़ी थी लेकिन अनलॉक 1 होने के बाद बीते एक जून से सभी कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा गया था। लोग काम पर लौटे भी , फैक्ट्री में 1 और 2 जून को काम भी हुआ लेकिन अचानक से 3 जून को फैक्ट्री बंद करके गेट पर एक नोटिस लगा दिया है। जिसमें यह कहा गया है कि, एटलस इन दिनों आर्थिक तंगी से गुजर रही है। कंपनी के पास इतने फण्ड नहीं है कि, वो कर्मचारियों को सैलरी दें, बता दें कि कंपनी ने इस नोटिस में यहाँ तक लिखा है कि, उनके पास मार्केट से साइकिल बनाने के लिए कच्चा माल खरीदने तक के पैसे नहीं है। यानि कि, देखा जाए तो कंपनी ने सीधे तौर पर खुद को दिवालिया करार दे दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, एटलस कंपनी की गाज़ियाबाद के साहिबाबाद स्थित फैक्ट्री को बंद किया गया है और इसके बाद से हज़ारों मजदूर और कर्मचारी फिलहाल बेरोजगार हैं।

मजदूरों को ले-ऑफ नोटिस द्वारा दी सूचना

आपको बता दें कि, यहाँ काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों से जब कंपनी के अचानक बंद होने के बारे में पूछा गया तो उन्होनें बताया कि, उन्हें इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी, अचानक ही 3 जून को ले-ऑफ नोटिस देकर फैक्ट्री बंद कर दी गयी है। गौरतलब है कि, एटलस द्वारा जारी इस ले-ऑफ नोटिस में साफतौर पर कहा गया है कि, कंपनी के पास कर्मचारियों को सैलरी देने का फण्ड नहीं है। इसके साथ ही सभी मजदूरों और कर्मचारियों को रोजाना फक्ट्री के गेट पर आकर हाज़री लगाना आवश्यक होगा वर्ना उन्हें कंपनसेशन नहीं मिल पायेगा। इस बाबत एक अन्य कर्मचारी ने जानकारी दी, उन्हें कंपनी पूरी सैलरी भी नहीं दे रही है ,मुमकिन है कि उन्हें सैलरी का आधा हिस्सा ही मिले। बता दें कि, इस बात से बहुत से ऐसे मजदूर काफी परेशान है जो काफी दूर से इस फैक्ट्री में काम करने आते थे। उनका कहना है कि, आधी सैलरी में उनके आने जाने का खर्चा भी नहीं निकल पायेगा। एटलस कंपनी का इस तरह से बंद कर दिया जाना कई सवाल खड़े करती है। सूत्रों की माने तो लॉकडाउन के दौरान जरूर कंपनी को कुछ नुकसान हुआ होगा लेकिन इससे पहले एटलस करीबन दो लाख से भी ज्यादा साइकिल मार्केट में बेच चुकी है।

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