बास्केटबॉल…..जिसमें बॉल को ऊपर उछालते हुए विरोधी टीम की टोकरी में डाला जाता है और गोल किया जता है। इस खेल में शारीरिक क्षमता की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। फुर्ती से भरा ये खेल मनोरंजक भी बहुत है और रोमांचक भी  जिसमें एक समय में एक टीम के 5 खिलाड़ी कोर्ट में मौजूद रहते है। जिस बास्केट में बॉल को डाला जाता है वो 10 फीट ऊपर टांगी जाती है। वक्त के साथ-साथ बास्केटबॉल की शूटिंग, पासिंग और ड्रिब्लिंग की तकनीकों में बदलाव होता रहा है। आज हम आपको इस खेल से जुड़ी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं, आइए जानते हैं बास्केटबॉल खेल के नियम

बास्केटबॉल के नियम (Rules of Basketball)

  • बास्केटबॉल का खेल खेलने के लिए केवल बास्केटबॉल और कोर्ट की जरूरत होती है। कोर्ट एक सपाट, आयताकार सतह पर बनाया जाता है जिसके विपरीत छोर पर बास्केट होता है। जिसमें बॉल डालनी होती है।

  • अंतर्राष्ट्रीय खेलों में एक बास्केटबॉल कोर्ट 28 X 15 मीटर का होता है।

  • इस खेल में विरोधियों की बास्केट में गेंद डालनी होती है और दूसरी टीम को अपनी बास्केट में बॉल डालने से रोका जाता है।  ऐसे अंक हासिल करने के तरीके को शॉट कहा जाता है और हर शॉट पर दो प्वाइंट मिलते हैं।

  • एक टीम में यूं तो 12 खिलाड़ी होते हैं लेकिन एक समय में कोर्ट पर केवल 5 खिलाड़ी ही मौजूद रहते हैं।

  • बॉल को शॉट द्वारा, खिलाड़ियों के बीच पास करके, फ़ेंक कर, टैप करके, लुढ़का कर, या दौड़ते हुए बॉल को उछालकर(इसे ड्रिबलिंग कहा जाता है) बास्केट तक पहुंचाया जाता है।

  • बास्केटबॉल के खेल में ड्रिबलिंग किये या फिर पास किये बिना अगर गेंद दो कदम से ज्यादा कोई खिलाड़ी लेकर जाता है तो उसे ट्रैवलिंग फ़ाउल दिया जाता है।

  • बास्केट बॉल का कोर्ट के अंदर रहना बेहद जरूरी है। अन्यथा वह टीम जो बॉल को सीमा से बाहर जाने से पहले स्पर्श करती है, उससे गेंद का अधिकार छिन जाता है।

  • गेंद सीमा से बाहर तब मानी जाती है जब वह सीमा-रेखा को छू ले या उसके पार चली जाए, या उस खिलाड़ी को स्पर्श कर दे जो सीमा-रेखा से बाहर हो।

बास्केटबॉल…..जिसमें बॉल को ऊपर उछालते हुए विरोधी टीम की टोकरी में डाला जाता है और गोल किया जता है। इस खेल में शारीरिक क्षमता की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। फुर्ती से भरा ये खेल मनोरंजक भी बहुत है और रोमांचक भी  जिसमें एक समय में एक टीम के 5 खिलाड़ी कोर्ट में मौजूद रहते है। जिस बास्केट में बॉल को डाला जाता है वो 10 फीट ऊपर टांगी जाती है। वक्त के साथ-साथ बास्केटबॉल की शूटिंग, पासिंग और ड्रिब्लिंग की तकनीकों में बदलाव होता रहा है। आज हम आपको इस खेल से जुड़ी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं|

आइए जानते हैं बास्केटबॉल खेल के नियम बास्केटबॉल के नियम (Rules of Basketball)

  • बास्केटबॉल का खेल खेलने के लिए केवल बास्केटबॉल और कोर्ट की जरूरत होती है। कोर्ट एक सपाट, आयताकार सतह पर बनाया जाता है जिसके विपरीत छोर पर बास्केट होता है। जिसमें बॉल डालनी होती है।

  • अंतर्राष्ट्रीय खेलों में एक बास्केटबॉल कोर्ट 28 X 15 मीटर का होता है।

  • इस खेल में विरोधियों की बास्केट में गेंद डालनी होती है और दूसरी टीम को अपनी बास्केट में बॉल डालने से रोका जाता है।  ऐसे अंक हासिल करने के तरीके को शॉट कहा जाता है और हर शॉट पर दो प्वाइंट मिलते हैं।

  • एक टीम में यूं तो 12 खिलाड़ी होते हैं लेकिन एक समय में कोर्ट पर केवल 5 खिलाड़ी ही मौजूद रहते हैं।

  • बॉल को शॉट द्वारा, खिलाड़ियों के बीच पास करके, फ़ेंक कर, टैप करके, लुढ़का कर, या दौड़ते हुए बॉल को उछालकर(इसे ड्रिबलिंग कहा जाता है) बास्केट तक पहुंचाया जाता है।

  • बास्केटबॉल के खेल में ड्रिबलिंग किये या फिर पास किये बिना अगर गेंद दो कदम से ज्यादा कोई खिलाड़ी लेकर जाता है तो उसे ट्रैवलिंग फ़ाउल दिया जाता है।

  • बास्केट बॉल का कोर्ट के अंदर रहना बेहद जरूरी है। अन्यथा वह टीम जो बॉल को सीमा से बाहर जाने से पहले स्पर्श करती है, उससे गेंद का अधिकार छिन जाता है।

  • गेंद सीमा से बाहर तब मानी जाती है जब वह सीमा-रेखा को छू ले या उसके पार चली जाए, या उस खिलाड़ी को स्पर्श कर दे जो सीमा-रेखा से बाहर हो।

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